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काशी विश्वनाथ का तिलकोत्सव: सज रहा आंगन, बाबा का होने लगा श्रंगार

Tue, 16 Feb 2021 01:16 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 16 Feb 2021 01:16 PM IST
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Kashi vishwanath tilkotsav on basant panchami last 357 years tradition will be discharged
काशी विश्वनाथ मंदिर।

काशी में बाबा विश्वनाथ का आंगन तिलकोत्सव की तैयारियों के लिए सजने लगा है। बाबा के तिलकहरू 16 फरवरी को शुभ मुहूर्त में बाबा का तिलक चढ़ाने पहुंचेंगे। 357 साल से चली आ रही बाबा विश्वनाथ के तिलकोत्सव की परंपरा में काशी की जनता ही बराती और घराती की भूमिका में होती है। सोमवार को टेढ़ी नीम स्थित महंत आवास पर तिलकोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

Kashi vishwanath tilkotsav on basant panchami last 357 years tradition will be discharged
विश्वनाथ मंदिर से महंत आवास लाई गई बाबा की पंचबदन मूर्ति - फोटो : अमर उजाला

भगवान विश्वनाथ के तिलकोत्सव का आमंत्रण बाबा के भक्तों को भेज दिया गया है। वसंत पंचमी पर तिलकोत्सव के दौरान शहनाई गूंजेगी और डमरू दल की निनाद के साथ बाबा का तिलक चढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही काशीवासियों पर होली का रंग चढ़ना शुरू हो जाएगा।

Kashi vishwanath tilkotsav on basant panchami last 357 years tradition will be discharged
विश्वनाथ मंदिर से महंत आवास लाई गई बाबा की पंचबदन मूर्ति - फोटो : अमर उजाला

शाम को चार बजे बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल रजत प्रतिमा का पंचामृत स्नान के बाद पूजन होगा। खादी के परिधान में बाबा विश्वनाथ रजत पालकी में विराजेंगे और उनकी भव्य झांकी सजाई जाएगी। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी तिलकोत्सव की रस्म निभाएंगे। वहीं काशीवासी भी इस परंपरा के साक्षी बनेंगे।

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Kashi vishwanath tilkotsav on basant panchami last 357 years tradition will be discharged
विश्वनाथ मंदिर से महंत आवास लाई गई बाबा की पंचबदन मूर्ति - फोटो : अमर उजाला

विश्वनाथ मंदिर से महंत आवास लाई गई बाबा की पंचबदन मूर्ति
सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अपर मुख्य कार्यपालक निखिलेश मिश्रा, पुनीत धवन और सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में बाबा की पंचबदन रजन मूर्ति पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के पुत्र वाचस्पति तिवारी एवं संजीवरतन मिश्र को सौंपी गईं। मंदिर के अर्चकों ने विश्वनाथ मंदिर के गणनाकक्ष में पूजन किया गया। इसके उपरांत मंदिर के अर्चकों ने डमरुओं की निनाद के साथ मूर्ति टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास तक पहुंचाई।

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Kashi vishwanath tilkotsav on basant panchami last 357 years tradition will be discharged
- फोटो : अमर उजाला।

महंत ने किया था मूर्तियों की वापसी के लिए अनशन
काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने मूर्तियों की वापसी के लिए अनशन किया था। यह पंचबदन रजत प्रतिमा उन्हीं मूर्तियों में से एक है। मंडलायुक्त ने उन्हें 15 दिनों के अदर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया था। 

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