वाराणसी शहर में कई जगहों पर ठेकेदार दो दिन पहले तक जिन मजदूरों से काम करा रहे थे, काम बंद होने पर उन्हें बेसहारा छोड़ दिया है। ऐसे ही 50 परिवार जो बीएचयू में काम कर रहे थे, सुंदर बगिया में रह रहे हैं। मगर न ठेकेदार को उनसे सरोकार, बीएचयू को।
लॉक डाउन में मजदूरों को छोड़ दिया बेसहारा, मठों और मंदिरों ने बढ़ाए मदद के हाथ
दरअसल, लॉकडाउन के दौरान दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। दूसरे राज्य और शहरों से आकर फंसे लोगों के सामने कोई विकल्प नहीं है। संकट की इस घड़ी में काशी के मंदिर, मठ और समाजसेवी संस्थाओं ने मदद के लिए हाथ बढ़ाएं हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के बाद संकटमोचन मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, कैलाश मठ बिरदोपुर ने भोजन के संकट से गुजर रहे लोगों के लिए पहल शुरू कर दी है।
संकटमोचन मंदिर की ओर से दोनों वक्त के भोजन का इंतजाम शुरू हो गया। सुबह 50 पैकेट भोजन का वितरण कराया गया। अन्नपूर्णा मंदिर की ओर से शहर में एक हजार भोजन के पैकेट का वितरण कराया गया। कैलाश मठ बिरदोपुर की ओर से भी लोगों को भोजन कराने की व्यवस्था की गई है। साईं बाबा इंफ्रा लिमिटेड की ओर से बड़ागांव तथा आसपास के इलाकों में जरूरतमंदों को भोजन का वितरण कराया जा रहा है।
आप भी कर सकते हैं मदद, बढ़ाएं हाथ
अगर आप भी इस संकट की घड़ी में अपनी मदद का हाथ बढ़ाना चाहते हैं तो पहल कर सकते हैं। एडीएम वित एवं राजस्व सतीश पाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जो संस्था या व्यक्ति भोजन वितरण में किसी भी प्रकार का सहयोग करना चाहते हैं तो वह मोबाइल नंबर 9454417650 पर संपर्क कर सकते हैं।
भूखे परिवार ने लगाई गुहार, पुलिस ने खाना खिलाकर दिया राशन
फूलपुर थाना के थाना रामपुर गांव निवासी पूनम गुप्ता और सुनील गुप्ता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। लॉकडाउन की वजह से तीन दिन से उनके पास खाने को कुछ भी नहीं था। इस पर पूनम और सुनील ने 112 नंबर पर फोन करके खाने के लिए गुहार लगाई तो पुलिस हरकत में आई और पीआरवी घर पहुंची।
थाने पर पहुंचे लोगों को कार्यालय में तैनात राजेश गुप्ता व रामरतन पटेल ने मेस में बना खाना खिलाया। इसके बाद कुछ नकदी देने के साथ राशन की व्यवस्था की। फूलपुर थाना प्रभारी सनवर अली ने बताया कि सूचना आई थी कि एक परिवार भूखा है।