प्राचीन नगरी काशी अनोखे आयोजनों और परंपराओं के लिए विख्यात है। रंगभरी एकादशी के अगले दिन यानी शनिवार को एक ऐसा आयोजन हुआ जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। महाश्मशान मणिकार्णिका घाट पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी। मणिकर्णिका महाश्मशान पर शनिवार सुबह होली का अद्भुत नजारा लोगों के लिए यादगार बन गया। एक तरफ चिताएं धधकती रहीं तो दूसरी ओर बुझी चिताओं की भस्म से जमकर साधु-संत और भक्त होली खेलने में रमे रहे। ढोल, मजीरे और डमरुओं की थाप के बीच भक्तगण जमकर झूमे और हर-हर महादेव के उद्घोष से महाश्मशान गूंजता रहा। होरी खेलें मसाने में... के बोल पर होरी गूंजी तो लोग थिरकने से खुद को नहीं रोक सके। दुनिया के कई देशों के पर्यटक भी चिता की भस्म से होली खेलने के उन क्षणों के साक्षी बने।
तस्वीरों में देखें: काशी में धधकती चिताओं के बीच भस्म से खेली गई होली, महाश्मशान मणिकर्णिका पर उमड़ा जनसैलाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 04 Mar 2023 08:55 PM IST
सार
प्राचीन नगरी काशी अनोखे आयोजनों और परंपराओं के लिए विख्यात है। रंगभरी एकादशी के अगले दिन यानी शनिवार को एक ऐसा आयोजन हुआ जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा। महाश्मशान मणिकार्णिका घाट पर पैर रखने की भी जगह नहीं बची थी।
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