बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के दौरे पर आए ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल एओ पत्नी संग मंगलवार की शाम दशाश्वमेध घाट पहुंचकर गंगा आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और नौकायन भी किया। महापौर मृदुला जायसवाल ने उच्चायुक्त को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया।
विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देख ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त मंत्रमुग्ध, किया ट्वीट-अतुल्य भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन ने इस बात को रेखांकित किया है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध पारस्परिक समझ, विश्वास, साझा हितों, लोकतांत्रिक मूल्यों व विधि सम्मत शासन के सिद्धांतों पर आधारित हैं।
इस दौरान कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने कहा कि बीएचयू और ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों के बीच सहयोग की कई परियोजनाएं चल रही हैं। उम्मीद जताई की ऑस्ट्रेलिया और भारत के संस्थानों के बीच और नई साझेदारी होगी।
कार्यक्रम में आईएमएस बीएचयू निदेशक प्रो. बीआर मित्तल, विज्ञान संस्थान निदेशक प्रो. एके त्रिपाठी, संकाय प्रमुख प्रो. मल्लिकार्जुन जोशी, प्रो. एएस रघुवंशी, कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, अंतरराष्ट्रीय केंद्र समन्वयक प्रो. एचपी माथुर आदि लोग मौजूद रहे।
उच्चायुक्त ने की टीकाकारण अभियान की सराहना
उच्चायुक्त ने कोविड 19 महामारी से निपटने एवं टीकाकरण अभियान के लिए भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस महामारी से उबरने की दिशा में भारत इस क्षेत्र में अनुकरणीय नेतृत्व दे रहा है।
उच्चायुक्त ने गंगा निर्मलीकरण के प्रयास को सराहा
ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने तुलसी घाट पहुंचकर गंगा निर्मलीकरण की जानकारी ली। यहां संकटमोचन फाउंडेशन की ओर से स्वच्छ गंगा रिसर्च लैब में पहुंचकर गंगा निर्मलीकरण पर हो रहे शोध और अन्य प्रयासों को सराहा। इस दौरान संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो विश्वंभर नाथ मिश्र और आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र से बातचीत कर गंगा पर होने वाले शोध में हर संभव मदद जारी रखने का आश्वासन दिया।
अशोक स्तंभ को देख अभिभूत हुए उच्चायुक्त
तथागत भगवान बुद्ध के प्रथम धर्म उपदेश स्थली पर ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने धमेख स्तूप की परिक्रमा की। इस दौरान संग्रहालय में अशोक स्तंभ को देख अभिभूत हुए। पुरातात्विक खंडहर परिसर में स्थित पंचायतन टेंपल, प्राचीन मूलगंध कुटी बिहार, अशोक स्तंभ के अवशेष को देखा।