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बाबुल मोरा नैहर छूटो जाए..., आंखे नम करके चली गई अप्पा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 27 Oct 2017 02:24 PM IST
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गिरिजा देवी पंचतत्व में विलीन
- फोटो : अमर उजाला
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पद्मविभूषण गिरिजा देवी का पार्थिव शरीर गुरुवार शाम मणिकर्णिका महाश्मशान पर राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। अप्पा जी के निधन से बनारस सहित देश के लोगों की आंखों नम हो गई। अप्पा जी को उनके शिष्यों व कला-संगीत, राजनीति और समाज सेवा से जुड़ी हस्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। आगे की स्लाइड्स में देखें...
गिरिजा देवी पंचतत्व में विलीन
- फोटो : अमर उजाला
सूर्योपासना के लोकोत्सव के बीच ठुमरी साम्राज्ञी पद्मविभूषण गिरिजा देवी का पार्थिव शरीर गुरुवार की शाम अनादि तीर्थ मणिकर्णिका महाश्मशान पर राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। मुखाग्नि उनके नाती अरिंदम दत्ता ने दी। इसी के साथ सुर, लय, ताल की साधना चिता की अग्नि के साथ ऐसे प्रज्ज्वलित हुई जैसे आसमान चूमने के लिए आतुर हो।
गिरिजा देवी पंचतत्व में विलीन
- फोटो : अमर उजाला
एक ओर अप्पा जी की चिता सजी तो दूसरी ओर डाला षष्ठी के व्रतियों का रेला अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए उत्सव। अद्भुत संयोग में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इससे पहले जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने पुष्पचक्र अर्पित किया और सशस्त्र जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर पेश कर उन्हें अंतिम सलामी दी।
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गिरिजा देवी पंचतत्व में विलीन
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार की रात कोलकाता में दिल का दौरा पड़ने से 88 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। कोलकाता से गिरिजा देवी का पार्थिव शरीर जेट एयरवेज के विमान से गुरुवार दोपहर 1:05 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट लाया गया। वहां से शव वाहन पर रखकर कॉटन मिल स्थित संजय गांधी नगर कॉलोनी में उनके आवास पर लाया गया।
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गिरिजा देवी पंचतत्व में विलीन
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सबसे पहले अप्पा जी के नाम पर बने पार्क में उनके पार्थिव शरीर को रखा गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए कला-संगीत, राजनीति और समाज सेवा से जुड़ी हस्तियां उमड़ पड़ीं। पुष्पांजलि देने के लिए तांता लगा रहा। देश भर से पहुंचे शिष्यों, प्रशिष्यों ने नम आंखों से उनको नमन किया।