गम तो कई उसने भी देखे, पर राहों में चले खुशियों को लेके। चारों तरफ था घनघोर अंधियारा, बनकर आया था जीवन में उजियारा। दोस्त वो जो जीवन के हर मुश्किल सफर पर साथ दे। जब सारी दुनिया हमसे मुंह मोड़ ले तब सच्चे दोस्त और उसकी दोस्ती की पहचान होती है। यूं तो दोस्ती के बड़े-बड़े दावे तमाम लोग करते हैं, लेकिन जो मुकाम तक पहुंचकर दोस्ती निभाएं ऐसे लोग कम ही मिलते हैं। जिनकी दोस्ती समाज और लोगों के लिए मिसाल बन जाती है। फ्रेंडशिप डे पर दोस्तों के इस दिन पर हम शहर के कुछ ऐसे ही लोगों की दोस्ती के किस्से साझा करेंगे। देखें आगे की स्लाइड्स में...
फ्रेंडशिप डे : कदम-कदम दोस्ती ने भरा दम, सालों से हैं साथ, मुश्किल में भी नहीं छोड़ा हाथ
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37 सालों कायम दोस्ती :
डीएलडब्ल्यू निवासी कविता और तंजानिया निवासी इप्सिता तीन साल की उम्र से ही एक दूसरे की दोस्त है। उनकी 37 सालों की दोस्ती समाज के लिए एक उदाहरण है। सेंट जॉन्स डीएलडब्ल्यू से स्कूली पढ़ाई करने के बाद दोनों ने अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ाई की, अलग-अलग शहरों में दोनों की शादी हुई, दोनों अलग देश में रहते हुए भी अपने बचपन की दोस्ती को कायम रखे हैं। परिवार की समस्या हो अन्य कोई परेशानी दोनों दोस्त एक दूसरे की सलाह लेकर परेशानी दूर कर लेती है।
जीवन के उतार चढ़ाव में बनी सच्ची साथी :
सिगरा निवासी दीपमाला और रातिका तिवारी की दोस्ती बहुत सालों पुरानी तो नहीं है, लेकिन सात सालों की इस दोस्ती में दानों एक दूसरे के जीवन में आए कई उतार और चढ़ाव में साथ खड़ी रहीं। जहां दीपमाला के लिए रातिका ने उसे हर वक्त मोरल सर्पोट दिया तो वहीं दीपमाला ने रातिका के जीवन संघर्षों में उन्हें सहारा दिया। दोनों कहती है आज हम दोनों एक दूसरे के लिए दोस्त होने के साथ एक सच्चे सलाहकार भी है।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है इनकी दोस्ती :
किसी हूर की ख्वाहिश में, किसी ने शब्दों का दरिया उड़ेला दिलदार के लिए मेरे लंबो पर न कविता, शायरी के अल्फाज आए, तुम जैसी दोस्त के मिलने के बाद’ इन लाइनों के साथ शायर नसीमा निशा अपनी दोस्त सरोज का शुक्रि या इन अल्फाजों में ही बयां करती हैं। पिछले दस सालों में दोनों एक दूसरे की सलाहकार होने के साथ मुसीबत के साथी भी हैं। हर छोटी-बड़ी खुशियां दोनों परिवार के तरह साझा करती हैं।
जीवन के अंधेरे पथ पर तुम मिली :
महमूरगंज निवासी रीना राय और शिवाला निवासी कंचन मौर्या की दोस्ती 19 साल पुरानी है। पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के दौरान मिले ये दोनों दोस्त एक दूसरे के लिए परिवार है। इन दोनों के जीवन में कई बार ऐसे मौके आए जब उनके परिवार ने उनका साथ नहीं दिया तब ये दोनों ही एक दूसरे के लिए परिवार बन गई। मुसीबत हो या फिर खुशी दोनों एक दूसरे के साथ हर वक्त में साथ देतीं है।