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मोदी सरकार के चार साल: इस साल के अंत तक बदल जाएगा बनारस, इन तस्वीरों से पता चल जाएगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 27 May 2018 12:22 PM IST
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आजादी के बाद काशी में इतना विकास कभी नहीं हुआ। काशीवासी मानते हैं 2014 में जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी के सांसद बने हैं, यहां बदलाव दिख रहा है। काशी के विकास को पंख लग गए हैं। धर्म, संस्कृति, शिक्षा, आस्था, सभ्यता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्राचीनतम नगरी काशी को 2018 में कई सौगातें मिल जाएंगी। आगे की स्लाइड्स में तस्वीरों को देख आप भी यह बोलेंगे।
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धर्म, संस्कृति, शिक्षा, आस्था, सभ्यता, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की प्राचीनतम नगरी काशी को 2018 में कई सौगातें मिल जाएंगी। इसी साल यहां विकास कार्यों की आधा दर्जन से अधिक परियोजनाएं आकार ले लेंगी। परियोजनाओं के पूरा होने पर न सिर्फ वाराणसी के पर्यटन, उद्योग और कारोबार को पंख लगेंगे, बल्कि फ्लाईओवर, रिंग रोड बनने का जीवनशैली पर भी अंतर पड़ेगा।
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चार साल में पीएम मोदी 12 बार अपने संसदीय क्षेत्र में आ चुके हैं। मोदी ने न केवल नए विकास कार्य कराए बल्कि वर्षों से लंबित कामों को मुकाम तक पहुंचाया। सामने घाट और बलुआ पुल इसका प्रमाण है। ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के जरिए बुनकरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल गया है।
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भूमिगत केबल के जरिए घरों में विद्युत आपूर्ति की गई। एलईडी की दूधिया रोशनी से स्ट्रीट लाइटें जगमग हुई। सुविधाएं बढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशनों की सूरत बदली और साफ-सफाई पर लगातार जोर से घाटों की सुंदरता बढ़ी। शहर के लोगों के घरों में पीएनजी जल्दी ही पहुंचने वाला है।
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काशी को मिली सौगातों से ही जल से लेकर सड़क तक का परिवहन संभव होगा। सबसे अहम हल्दिया-वाराणसी जल परिवहन को जल्द ही शुरू करने की तैयारी है। इसमें बाधक कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने की रूपरेखा बना ली गई है। इसके अलावा देश से पहले इंटर मॉडल स्टेशन की आधारशिला जल्दी ही रखी जाएगी।