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Flood Alert: पानी में खड़े होकर करना पड़ रहा पांच घंटे इंतजार, मणिकर्णिका घाट पर लकड़ी व नाव भाड़े में बढ़ोतरी

Tue, 05 Aug 2025 05:43 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 05 Aug 2025 05:43 AM IST
सार

वाराणसी में बाढ़ के कारण लोगों को शवदाह के लिए भी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। मर्णिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी बढ़ जाने से क्रमश: छतों और गलियों में शवदाह किए जा रहे हैं। वहीं, शिकायत है कि लोगों से मनमना पैसा भी वसूला जा रहा है।

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Flood Alert People wait for five hours standing in water wood and boat fares increased at Manikarnika Ghat
मणिकर्णिका घाट की छतों पर शवदाह। - फोटो : अमर उजाला

गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण शवदाह करने वालों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिले के छह श्मशान घाट पानी में समा गए हैं और दो पर ही शवदाह हो रहा है। मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए घुटने भर पानी में खड़े होकर पांच घंटे तो वहीं हरिश्चंद्र घाट पर गलियों में शवदाह की जगह कम होने के कारण ढाई से तीन घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए अब दो से तीन गुना ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।



Flood Alert People wait for five hours standing in water wood and boat fares increased at Manikarnika Ghat
ड्रोन से ली गई बाढ़ की फोटो। - फोटो : अमर उजाला

शहर में मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र, राजघाट, डोमरी, सरायमोहाना, गढ़वाघाट, सिपहिया घाट और रमना पर शवदाह किया जाता है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण राजघाट, डोमरी, सरायमोहाना, गढ़वाघाट, सिपहिया घाट और रमना का शवदाह स्थल डूब गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर ही शवदाह किया जा रहा है। 

Flood Alert People wait for five hours standing in water wood and boat fares increased at Manikarnika Ghat
बाढ़ के कारण छत पर आई जिंदगी। - फोटो : अमर उजाला

मणिकर्णिका घाट पर बाहर से आने वाले शवयात्रियों को घुटने भर पानी में खड़े होकर पांच-पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर के चलते घाट पर बाढ़ का पानी भर गया है। इससे न सिर्फ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया बाधित हो रही है, बल्कि मौके पर मौजूद लकड़ी विक्रेता और नाविक भी मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

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Flood Alert People wait for five hours standing in water wood and boat fares increased at Manikarnika Ghat
हर घंटे बढ़ रहा गंगा का जलस्तर। - फोटो : अमर उजाला

गंगा का पानी सतुआ बाबा आश्रम तक पहुंच चुका है, जिससे शवों को घाट तक ले जाने के लिए गलियों से नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, एक बार में केवल पांच ही परिजनों को शव के साथ जाने दिया जा रहा है। इससे यात्री चार से पांच घंटे तक पानी में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

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Flood Alert People wait for five hours standing in water wood and boat fares increased at Manikarnika Ghat
बाढ़ के कारण किनारेवासियों में बढ़ी दहशत। - फोटो : अमर उजाला

आम दिनों में 5 हजार, अब खर्च 15 हजार तक
मणिकर्णिका घाट पर शवदाह में उपयोग होने वाली लकड़ी का दाम आम दिनों में 600 से 700 रुपये प्रति मन होता था, लेकिन बाढ़ के बाद लकड़ी व्यापारी अब 1000 से 1200 रुपये प्रति मन वसूल रहे हैं। एक सामान्य शवदाह का खर्च जहां पहले 5000 रुपये के आसपास आता था, अब वही 12 से 15 हजार तक पहुंच चुका है। 

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