वाराणसी के यूपी कॉलेज के बीकॉम के छात्र विवेक सिंह की हत्या की गुत्थी को पुलिस सुलझाने में लगी हुई है। पुलिस वारदात की वजह छात्रसंघ चुनाव की रंजिश से लेकर रेलवे के ठेके तक के विवाद को मानकर तफ्तीश कर रही है। पूर्वांचल के कई जिलों में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी भेज दिया गया है। देखें आगे की स्लाइड्स में...
विवेक सिंह की हत्या के मामले में छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री अनुपम नागवंशी उर्फ कुंदन सहित पांच के खिलाफ शिवपुर थाने में सोमवार सुबह एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई विवेक के पिता रणधीर सिंह राणा की तहरीर पर की गई।
नामजद आरोपियों के 15 करीबियों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की छह संयुक्त टीमें चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और बिहार के भभुआ के लिए रवाना हो गई हैं।
आजमगढ़ जिले के तरवां थाना के जामूडीह निवासी विवेक यूपी कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। पिता रणधीर के अनुसार, वह रविवार रात सेकेंड हाउस हॉस्टल के कमरा नंबर 10 में बेटे से मिले। रणधीर बाहर निकले तो विवेक उन्हें बाहर तक छोड़ने आया। लौटते समय पीजी हॉस्टल के पास घात लगाकर बैठे अनुपम नागवंशी, अंकित सिंह उर्फ सेंगर, राहुल राजपूत, पवन सिंह उर्फ चिंटू और एक अज्ञात युवक ने विवेक को देख कर शोर मचाया कि विवेक को जान से मार डालो।
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- फोटो : amar ujala
इसके साथ ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर विवेक की हत्या कर दी गई। पुलिस रात करीब तीन बजे विवेक का शव लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। पांच घंटे चले पोस्टमार्टम के दौरान विवेक के सिर, सीने, कनपटी सहित शरीर के अन्य हिस्सों से पांच गोली निकाली गईं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया और वे जामूडीह रवाना हो गए।