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वाराणसी हादसाः बेटे को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था पिता, दोनों की दुनिया ही छूटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 17 May 2018 02:52 PM IST
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वाराणसी में मंगलवार की शाम फ्लाईओवर हादसे के कारण पिता-पुत्र की जिंदगी की आखिरी शाम बन गई। सिंडिकेट बैंक में असिस्टेंट मैनेजर राम बहादुर सिंह पत्नी के साथ अपने इकलौते बेटे को कैंट रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में हुए हादसे के कारण उनका यह आखिरी सफर साबित हुआ। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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बिहार के छपरा के रहने वाले राम बहादुर सिंह पदोन्नति के बाद भी औराई स्थित सिंडिकेट बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम कर रहे सिंह को जल्द ही दूसरी शाखा में मैनेजर के पद पर तैनात किया जाना था। उनका इकलौता बेटा कुमार वैभव राजस्थान के कोटा में इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था। वह पत्नी कुमकुम सिंह के साथ वाराणसी के डीएलडब्ल्यू इलाके में रहते थे।
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मंगलवार शाम बेटे कुमार वैभव को कैंट रेलवे स्टेशन छोडने पत्नी के साथ अपनी कार से जा रहे थे। स्टेशन के पहले जाम में फंसने से गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इसी बीच पुल का बीम अचानक गिरा और उनकी गाड़ी उसी में दब गई। हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पत्नी कुमकुम पीछे वाली सीट पर बैठी थीं, जिससे वह घायल हो गईं। उनकी एक लड़की है, जो रूस में पढ़ाई करती है। अब रूस से बेटी के लौटने का इंतजार हो रहा है।
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हादसे में असिस्टेंट मैनेजर के परिवार समेत हताहत होने की खबर मिलने पर बुधवार को बैंक के कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। बैंक कर्मियों ने बताया कि एक माह पहले मैनेजर पद पर राम बहादुर का प्रमोशन हुआ था। असिस्टेंट मैनेजर की मौत की खबर से बुधवार को बैंक में सन्नाटा पसरा रहा।
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बैंक तो खुला लेकिन कर्मचारी और अधिकारी गमगीन थे। लेन-देन का काम भी नहीं हुआ। बैंक कर्मियों ने बताया कि 2016 में औराई में बैंक की शाखा खुलने से लेकर अब तक राम बहादुर यहीं पर तैनात थे। अपने अच्छे व्यवहार की वजह से वह सबके प्रिय थे।