फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Ganga Yatra: निर्मलता पर तो सबका जोर पर बेघर बाढ़ पीड़ित अब भी बेहाल, खुद देखिए हकीकत

Mon, 27 Jan 2020 06:11 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी विश्वनाथ तिवारी/सत्येंद्र पांडेय, अमर उजाला, बलियाः
विश्वनाथ तिवारी/सत्येंद्र पांडेय, अमर उजाला, बलियाः Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Mon, 27 Jan 2020 06:11 PM IST
विज्ञापन
Everyone is insistent on cleanness of Ganges, but homeless flood victims are still suffering
झोपड़ी में रहने को मजबूर गंगा बाढ़ के पीड़ित - फोटो : amar ujala

गंगा यात्रा के बहाने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कार्यक्रम क्षेत्र में लगने से चार माह पहले तक बाढ़ की त्रासदी झेलने वाले द्वाबावासियों को ये उम्मीद थी कि शायद इस कार्यक्रम के बहाने ही उन्हें एनएच 31 के किनारे आशियाना बनाकर बसने की मजबूरी से निजात मिल जाएगी।


 

Everyone is insistent on cleanness of Ganges, but homeless flood victims are still suffering
झोपड़ी में रहने को मजबूर गंगा बाढ़ के पीड़ित - फोटो : amar ujala

उन्हें उम्मीद थी कि हो सकता है राज्यपाल के कार्यक्रम के महत्व को समझते हुए जिला प्रशासन उनके लिए घोषणा कर दें, लेकिन राज्यपाल ने गंगा की निर्मलता, अविरलता और स्वच्छता की तो बातें की, लेकिन उनके दूसरे स्वरूप यानी बाढ़ के पीड़ितों के घाव पर मरहम लगाना भूल गईं। बताते चलें कि दुबे के छपरा के लगभग 1000 लोग गंगा के बाढ़ से बेघर होकर झोपड़पट्टी में रहने को विवश हैं। 

Everyone is insistent on cleanness of Ganges, but homeless flood victims are still suffering
झोपड़ी में रहने को मजबूर गंगा बाढ़ के पीड़ित - फोटो : amar ujala

द्वाबावासी निराश जरूर थे लेकिन फिर ये कहते फिर रहे थे कि राज्यपाल का क्या दोष है। उन्हें तो यहां की स्थिति के बारे में कोई जानकारी होगी नहीं। यदि जिला प्रशासन की नीयत साफ होती तो जिस जमीन पर अभी कुछ दिन पहले एसडीएम बैरिया ने जिला प्रशासन का नाम चढ़वाया है उसी पर बाढ़ पीड़ितों को बसाने की घोषणा राज्यपाल से करा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Everyone is insistent on cleanness of Ganges, but homeless flood victims are still suffering
झोपड़ी में रहने को मजबूर गंगा बाढ़ के पीड़ित - फोटो : a

मौजा सोनबरसा के लालगंज डाक बंगला के पास की इस जमीन को वर्षों पहले बाढ़ पीड़ितों को बसाने के उद्देश्य से ही जिला प्रशासन ने अधिगृहीत किया था। उस समय कुछ लोगों को बसाया भी गया था, लेकिन कई वहां रहने नहीं गया।

विज्ञापन
Everyone is insistent on cleanness of Ganges, but homeless flood victims are still suffering
झोपड़ी में रहने को मजबूर गंगा बाढ़ के पीड़ित - फोटो : Amar Ujala

इसके बाद बची जमीन पर लोगों ने कब्जा जमा लिया था, बाद में जानकारी के बाद तहसील प्रशासन ने अपना नाम तो चढ़वा लिया, लेकिन अभी तक उस जमीन को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि वहां बाढ़ पीड़ितों को बसाया जाएगा या नहीं। संबंधित लोगों ने भी अपनी गलती मानते हुए जमीन पर मालिकाना हक छोड़ दिया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed