मां जाह्नवी के अर्द्ध चंद्राकार घाटों की शृंखला देव दीपावली की रात अद्भुत छटा बिखेरती है। घाटों पर विद्युत झालरों की झिलमिलाहट और असंख्य दीयों में टिमटिमाती रोशनी की मालाएं, घंटों की आवाज, मंत्रों और शंखों की गूंज मन मोह लेती है। महसूस होता है कि देवता स्वर्ग से धरती पर उतर आए हों। पुराणों में मान्यता है कि काशी की देव दीपावली देवताओं के विजय दिवस की प्रतीक है। देखें अगली स्लाइड्स...।
महत्व: देवताओं के विजय दिवस की प्रतीक है देव दीपावली, महादेव ने तोड़ा था काशीराज दिवोदास का अहंकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 30 Nov 2020 10:39 AM IST
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