सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में जमीन विवाद में हुए खूनी संघर्ष की निशानियों के बाद मातम का माहौल है। वारदात के बाद खेतों में, चकरोड पर जगह-जगह लोग घायल पड़े थे, तो शवों के पास उनके परिजन बिलखते रहे। जगह-जगह पड़े खून के छींटे वारदात की गंभीरता बयां कर रहे थे।
उभ्भा गांव में बुधवार को जमीन विवाद में खूनी संघर्ष के बाद हर तरफ चीख पुकार मच गई। खेतों में, मेड़ों पर जगह-जगह शव और घायल पड़े थे। लोगों के अनुसार ग्राम प्रधान के साथ बड़ी संख्या में लोग आए थे। अभी गांव के कुछ लोग समझ पाते तब तक गोलियां चलने लगीं और एक एक कर लोग घायल होते रहे।
ग्रामीणों की सूचना पर एंबुलेंस, यूपी 100 और थाना पुलिस पहुंची और घायलों को घोरावल सीएचसी, जिला अस्पताल ले गई। अपनों की पहचान के लिए ग्रामीण एक शव से दूसरे शव के पास और एक घायल से दूसरे के पास दौड़ते रहे।
जगह-जगह पड़े शवों को देखकर आशंका जताई जा रही है कि दौड़ा-दौड़ा कर हमला किया गया। हर तरफ खून के छींटे पड़े थे। पीड़ित परिवार के लोग शवों से लिपट कर बिलखते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि दूसरे गांव से आए लोग गोलियां चलाकर भाग गए।
अस्पताल की दुर्व्यवस्था सामने आई :
घोरावल कोतवाली के उभ्भा गांव में खूनी संघर्ष के बाद मृतकों और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान अस्पताल की दुर्व्यवस्था खुल कर सामने आ गई। यहां तीन ही स्ट्रेचर थे। घायलों और मृतकों को लेकर एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंची तो वहां स्ट्रेचर की कमी पड़ गई। एंबुलेंस से एक घायल को स्ट्रेचर से इमरजेंसी कक्ष में पहुंचाया जाता तो दूसरे को ले जाने के लिए इंतजार करना पड़ता। लापरवाही की हद यह रही कि इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय ने एंबुलेंस के पास तक जाना तक मुनासिब नहीं समझा। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने घायलों को इमरजेंसी कक्ष तक ले जाने में मदद की।