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आजमगढ़ का 'सलिमवा' बना अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम, पढ़ें पूरी कहानी
Thu, 07 Sep 2017 06:32 PM IST
amarujala.com- Written by: आशीष तिवारी/ शैलेश कुमार शुक्ल
amarujala.com- Written by: आशीष तिवारी/ शैलेश कुमार शुक्ल
Updated Thu, 07 Sep 2017 06:32 PM IST
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मुंबई सीरियल बम धमाकों के सिलसिले में विशेष टाडा अदालत ने शुक्रवार को अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम को दोषी करार दिया। बचपन में आजमगढ़ की गलियों में कंचा खेलकर पला-बढ़ा अबु सलेम शुरू ऐसा नहीं था। आगे की स्लाइड में पढ़े 'सलिमवा' से डॉन सलेम बनने की पूरी कहानी...
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आजमगढ़ से 35 किलोमीटर दूर स्थित कस्बा सरायमीर अंडरवर्ल्ड की दुनिया में एक चर्चित नाम है। और हो भी क्यों नहीं यहीं की गलियों में कंचा खेलकर पला बढ़ा एक साधारण सा लड़का अब डॉन बन चुका है। जी हां यहां बात हो रही है अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम की जिसे बचपन में सब सलिमवा के नाम से बुलाते थे।
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- फोटो : MID DAY
1960 के दशक में पठान टोला के एक छोटे से घर में अधिवक्ता अब्दुल कय्यूम के यहां दूसरे बेटे अबु सालिम का जन्म हुआ. वकील होने की वजह से अब्दुल कय्यूम का इलाके में काफी दबदबा था, लेकिन एक सड़क हादसे में हुई मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई।
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घर की खराब माली हालत देख अबु सालिम को यहीं एक साइकिल ठीक की दुकान में नौकरी करनी पड़ी। वह काफी दिनों तक यहां पर मोटरसाइकिल और साइकिल के पंचर ठीक करता रहा। कुछ दिनों तक उसने नाई का भी काम किया और लोगों की दाढ़ी भी बनाई।
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इतने से उसके परिवार का पालन पोषण नहीं हो पा रहा था जिससे ऊबकर वह दिल्ली चला गया और वहां पर ड्राईवर की नौकरी करने लगा। दिल्ली से वह मुंबई पहुंचा और कुछ दिनों तक डिलीवरी ब्वाय के रूप में काम करने के बाद वह दाऊद के छोटे भाई अनीस इब्राहीम के संपर्क में आया।
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