उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में सामने आए दर्दनाक मामले से हर कोई सिहर उठा है। जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव से लापता तीनों चचेरे भाइयों के शव 24 घंटे बाद कामापुर गांव में लेहड़िया बंधी में मिले। घर से तीन किलोमीटर दूर मिले शव को देखकर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने हत्या किए जाने की आशंका जाताई है। देखें अगली स्लाइड्स...।
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शिवम तिवारी, फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप है कि तीनों की आंखें निकाली गई हैं, कांख और गले में चोट के निशान हैं, हत्या की गई है। तीन थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस का दावा है कि तीनों की डूबने से मौत हुई है और आंख मछलियां खा गई हैं।
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सुधांशु तिवारी।
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लालगंज के बामी गांव निवासी राजेश तिवारी की बहन की 30 नवंबर को शादी थी। एक दिसंबर को बरात की विदाई होने के बाद राजेश तिवारी का पुत्र सुधांशु(15), शिवम(15) पुत्र राकेश तिवारी व हरिओम(14) पुत्र मुन्नालाल तिवारी के साथ कुशियरा जंगल में बेर खाने की बात कहकर घर से निकला। शाम तक तीनों के घर न लौटने पर परिजन परेशान हो गए।
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हरिओम तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
परिजन सभी की खोजबीन करने लगे। देर रात होने पर परिजन घर वापस लौट आए। बुधवार की सुबह खोजबीन फिर शुरू करने के साथ ही लालगंज पुलिस को सूचना दी। सूचना पर लालगंज थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र सरोज जंगल में खोजबीन करने निकले। दोपहर में विंध्याचल थाना क्षेत्र के लेहड़िया गांव के ग्रामीणों ने अन्नू की बंधी के पास बच्चों को कपड़ा, जूता व चप्पल दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी।
मौके पर विंध्याचल, गैपुरा और लालगंज के लहंगपुर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों की मदद से बंधी से शव को बाहर निकलवाया। शव मिलते ही साथ आए परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जा रही थी, तो परिजनों ने पहले घर ले जाने की बात कही और शव को घर ले गए।