फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

काशी में उत्सव के रूप में मनाई गई शनि जयंती, कहीं कटा केक तो कहीं सजी झांकी

Fri, 26 May 2017 02:09 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 26 May 2017 02:09 PM IST
विज्ञापन
celebration on shani jaynti at varanasi
shani - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषशास्त्र ग्रहों में सबसे क्रूर माने जाने वाले शनिदेव की जयंती गुरुवार को काशी में उत्सवमय माहौल में मनाई गई। इसके लिए काशी के प्राचीन शनिदेव मंदिरों को फूलों, लताओं, रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
celebration on shani jaynti at varanasi
shani - फोटो : अमर उजाला
शनिदेव को रिझाने,मनाने और प्रसन्न करने के लिए गुरुवार को खूब जतन किए गए। कहीं केक कटा तो कहीं फूलों, हरी पत्तियों के वंदनवारों, फूल बंगलों से झांकियां सजाई गईं। शनि देव के मंदिरों में तेल की बाती के दीयों से दीपमालाएं बनाई गईं। तेल के दीप जलाने के लिए शनि के दरबारों में देर रात तक भीड़ उमड़ती रही। तैलाभिषेक के बाद आरती उतारी गई।
celebration on shani jaynti at varanasi
shani - फोटो : अमर उजाला
सुंदरपुर के अगिया जोगियाबीर आश्रम परिसर के शनिदेव मंदिर में 11 किलो का केक काटकर गीतों, भजनों से शनिदेव को प्रसन्न किया गया।  यहां भव्य झांकी सजाई गई। रंग-बिरंगे गुब्बारों, फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया। शाम 6:30 बजे ढोल, नगाड़ों की गूंज के बीच केक काटकर शनि देव का जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान तरह-तरह के खिलौनों, वस्त्रों के अलावा पकवान अर्पित किए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन
celebration on shani jaynti at varanasi
shani - फोटो : अमर उजाला

शनि देव के मंत्रों की गूंज के साथ तैलाभिषेक किया गया। बाल शनि उपासक कन्हैया स्वामी महाराज ने शनि देव को प्रसन्न करने के लिए तैलाभिषेक के साथ ही नारियल, कद्दू की सात्विक बलि भी दिलाई। इस दौरान देर रात तक शनि भगवान के दर्शन और तेल के दीये जलाने के लिए मंदिर में भीड़ लगी रही। विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में स्थित शनिदेव के दरबार में दीपों की अल्पनाएं सजाई गईं। 
 
विज्ञापन
celebration on shani jaynti at varanasi
shani - फोटो : अमर उजाला
अखंड सुहाग की कामना से ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष अमावस्या गुरुवार को वट सावित्री व्रत रखने वाली महिलाओं ने सोलह शृंगार कर सविधि आराधना की। वट वृक्षों की पूजा के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। मंडप बनाकर सविधि मंत्रोच्चार के साथ वट सावित्री पूजन किया गया। इस दौरान हल्दी से रंगे कच्चे धागे के साथ वट वृक्षों की परिक्रमा की गई। 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed