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कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर उनके गांव लमही में सजा खुशियों का मेला

Wed, 01 Aug 2018 11:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 01 Aug 2018 11:40 AM IST
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Celebration in preamchand village lamhi on the occasion of his jayanti
varanasi - फोटो : अमर उजाला
मुंशी प्रेमचंद की 138वीं जयंती पर मंगलवार को लमही में उत्सव जैसा माहौल था। मुंशी प्रेमचंद के गांव वाले, उन्हें चाहने वाले इस उत्सव में पूरे मन से शामिल हुए। वाराणसी जिला प्रशासन व प्रबुद्धजनों के सहयोग से क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र की ओर से प्रेमचंद के स्मारक स्थल पर लमही महोत्सव का उद्घाटन कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने किया। मुंशी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। आकर्षण का केंद्र बने रामलीला मंच पर अलग अलग सांस्कृतिक संस्थाओं की ओर से नाटक का मंचन हुआ जिसने पूरे गांव वालों को बांधे रखा। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
Celebration in preamchand village lamhi on the occasion of his jayanti
varanasi - फोटो : अमर उजाला
लमही की हवा मंत्र से मिलते ही मुग्ध सी बहने लगी थी और माटी गौरवान्वित सब निहार रही थी। उत्सव हर पल अपनी रौनक दोगुना करने को आतुर दिखा और गांव वाले रोमांचित थे। मौका था, कलम के उस सिपाही के जन्मदिवस का, जिसकी कोरे कागजों पर किस्से कहानियों को ऐसे पिरोया कि हिंदी साहित्य का बेशकीमती हार बन गया। मुंशी प्रेमचंद के प्रति सम्मान प्रकट करना हो तो उनकी कहानियों उपन्यास से बेहतर और भला क्या हो सकता है। मंगलवार को को कुछ ऐसा ही था। कहीं नाटक में गोदान का होरी जी उठा था तो कहीं सामाजिक ताने बाने से बंधी निर्मला का मर्म चित्रों में दिखा। गायन से लेकर प्रदर्शनी तक, हर तरफ उपन्यास सम्राट का ही रूप बोल रहा था। गबन, गोदान, कफन, निर्मला, मंत्र एक दूसरे का हाथ पकड़े मेले में घूम रहे थे और उन्मुक्त सा नाच उठा था लमही...। 
 
Celebration in preamchand village lamhi on the occasion of his jayanti
varanasi - फोटो : अमर उजाला
मुंशी प्रेमचंद की 138वीं जयंती पर लमही महोत्सव से इतर ग्राम सभा की ओर से गांव रामलीला मैदान की भी रौनक भी खूब थी। अपने मुंशी जी के जन्मदिन पर यहां पूरा गांव इकट्ठा था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग और घर की महिलाएं इस रामलीला में हो रहे उत्सव की साक्षी बनीं। नाट्य प्रस्तुतियों के बीच यहां गांव वालों ने मुंशी प्रेमचंद जी का केक काटकर बर्थडे भी मनाया। 
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Celebration in preamchand village lamhi on the occasion of his jayanti
varanasi - फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में वहां प्रेरणा कला मंच की ओर से यहां नमक का दरोगा नाटक का मंचन किया गया। सेतु सांस्कृतिक केंद्र की ओर से निर्मला नाटक का प्रस्तुति हुई। सिमरन मेहरोत्रा ने अपने अभिनय से प्रेमचंद की ‘निर्मला’ के पात्र को पूरी तरह से जीवंत कर दिया। बेमेल शादी, दहेज की कुरीतियों को बहुत ही बेहद ही भावपूर्ण ढंग से हर एक पात्र ने प्रस्तुत किया। मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह का नाट्य मंचन निर्देशक शैज खान के निर्देशन में हुआ। एओ मुस्लिम इंटर कॉलेज के प्राइमरी सेक्शन के बुनकर के बच्चों ने अपने अभिनय से मुग्ध कर दिया। हामिद बने तनवीर और दादी आमिना बनीं बुशरा ने अपने अभिनय से ईदगाह को जीवंत कर दिया।
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Celebration in preamchand village lamhi on the occasion of his jayanti
varanasi - फोटो : अमर उजाला
भावनुकीर्तनम सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास संस्था द्वारा बड़े भाई साहब और मंत्र का भी मंचन किया गया। डॉ. शुभ्रा वर्मा द्वारा निर्देशित सोहाग का शव की प्रस्तुति भी खास रही। मुंशी प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ने सवा सेर गेहूं नाटक का मंचन कर समाज के कटु सत्य को जीवंत किया।  लमही महोत्सव गायन वादन की प्रस्तुतियों से भी सजा। मोहन लाल त्यागी और उनके साथियों ने शहनाई वादन की प्रस्तुति दी। इसके बार डॉ. हिमांशु उपाध्याय द्वारा लिखे लमही पर आधारित गीत गोविंद गोपाल ने गाया। बोल थे, ‘नमन करें हम उस माटी को बारंबार प्रणाम, जहां पे जन्मे प्रेमचंद जी लमही जिसका नाम..’। 
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