आंखों में बड़े सपने और उसे पूरा करने की जिद। वाराणसी की कृति शाह की मेहनत ही उनकी स्वर्णिम सफलता बन गई। कृति शाह ने 99.2 प्रतिशत अंकों के साथ न सिर्फ जिला बल्कि पूरे इलाहाबाद परिक्षेत्र की ओवर ऑल टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। कृति ने 'अमर उजाला' से बात कर इस सफलता का राज और अपने जिंदगी के अरमानों को साझा किया। आगे की स्लाइड्स में जानिए...
कृति की सफलता पर बाबा के साथ ही माता-पिता की खुशियों का ठिकाना न था। बिटिया को दुलार-प्यार के साथ आशीष दिया। सीबीएसई बारहवीं में 99.2 अंक हासिल करने वाली कृति शाह का मानना है कि सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत और परिश्रम के साथ खुद पर भरोसा होना बेहद जरूरी है। खुद पर भरोसा कर के ही आप अपने माता-पिता और बड़ों के भरोसे को पूरा कर पाएंगे।
कृति की मेधा और मेहनत के उजाले से रविवार को काशी रोशन हो उठी। सुव्यवस्थित तैयारी और खुद पर भरोसा, इसे मूल मंत्र बनाया और सफलता के इस मुकाम पर पहुंचीं। प्रबंध शास्त्र संकाय बीएचयू के डीन रहे प्रो. अश्विनी कुमार शाह की पौत्री कृति बाबा को अपना आदर्श मानती हैं। उनके नक्श-ए-कदम पर चलकर जीवन में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहती हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में दाखिला लेना है।
दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की छात्रा कृति ने कहा कि यह नहीं सोचा था कि 99.2 अंक हासिल होंगे लेकिन हमेशा इसे अपने लक्ष्य के रूप में रखा। पढ़ाई के दौरान मम्मी विजया शाह और पापा राजीव शाह के साथ बाबा ने पूरा सहयोग किया। बाबा प्रो. अश्विनी कुमार शाह बीकॉम में गोल्ड मेडलिस्ट रहे। उन्हीं की प्रेरणा से कृति ने दसवीं में 10 सीजीपीए के बावजूद विज्ञान की बजाय कॉमर्स लिया।
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cbse third topper kriti shah from varanasi
- फोटो : अमर उजाला
पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी के बारे में बताया कि पूरे साल सुव्यवस्थित तरीके से पढ़ाई की। परीक्षा एक महीने पहले से पढ़ाई का समय बढ़ा दिया। रात में जगकर तैयारी की। बेटी सफलता के इस मुकाम पर पहुंचे इसके लिए मां विजया शाह ने भी कृति का पूरा ख्याल रखा, लेकिन जहां जरूरत पड़ी वहां कठोर भी बनीं। फोन से दूर रखा। हां, अब बेटी की सफलता पर उन्होंने उसे मोबाइल गिफ्ट किया है।