फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

2017 में अशांत रही महामना की बगिया, दिल्ली तक गूंजी बेटियों पर लाठियों की आवाज 

Sat, 30 Dec 2017 01:58 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 30 Dec 2017 01:58 PM IST
विज्ञापन
BHU troubled in many case in passing year
bhu
साल 2017 में काशी ह‌िंदु विश्वविद्यालय को अराजकता, उपद्रव की घटनाओं ने गहरे जख्म दिए। खासकर साल की सबसे बड़ी घटना के रुप में 21 सितंबर को त्रिवेणी छात्रावास की छात्रा संग छेड़खानी की घटना, उसके विरोध में छात्राओं का 40 घंटे तक चला धरना और फिर 23 सितंबर को लाठीचार्ज की घटना तो लोग कभी भूल नहीं पाएंगे। बेटियों पर चली लाठी की आवाज की गूंज दिल्ली तक पहुंची। आगे की स्लाइड्स में देखें...






 
BHU troubled in many case in passing year
जलती हुई स्कूल बस
इस घटना के विरोध केस थ ही समय-समय पर छोटी-बड़ी मारपीट की वजह से आगजनी, पत्थरबाजी भी होती रही। कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी को छुट्टी पर जाना पड़ा। एक के बाद एक कर दो विदेशी छात्रों संग पांच छात्रों के साथ रैगिंग की घटना की भी वजह से भी परिसर अशांत रहा।

 
BHU troubled in many case in passing year
BHU
विश्वविद्यालय के लिए छेड़खानी, लाठीचार्ज, कुलपति का छुट्टी पर जाना साल की सबसे बड़ी घटना रही। यह पहला अवसर था जब परिसर में छेड़खानी के विरोध में छात्राओं को 40 घंटे तक धरना देना पड़ा। धरने के दौरान 23 सितंबर की रात में लाठीचार्ज में छात्राओं को चोटें भी आई। छात्रावासों में इसी को लेकर गुस्सा भड़का और आगजनी, पत्थरबाजी में पुलिस कर्मी समेत कई लोग घायल भी हुए। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन
BHU troubled in many case in passing year
बीएचयू के गेट पर तैनात रहे सुरक्षाकर्मी - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान करीब पंद्रह दिन तक कैंपस पुलिस प्रशासन के हवाले रहा और यहां पुलिस, पीएसी जवानों के साथ ही रैपिड रिस्पांस फोर्स को तैनात करना पड़ा। ऐसा नहीं है कि इसके बाद छेड़खानी की घटना रुक गई। दो महीने तक पांच छात्राओं संग अलग-अलग जगहों पर छेड़खानी हुई। 

 
विज्ञापन
BHU troubled in many case in passing year
बीएचयू में मंगलवार को भी तैनात रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला
लाठीचार्ज की घटना के बाद प्राक्टोरियल बोर्ड को इस्तीफा देना पड़ा। पहली बार विश्वविद्यालय में महिला चीफ प्राक्टर की तैनाती की घोषणा भी 26 सितंबर को हुई। इस पद पर आईएमएस की प्रो. रोयाना सिंह को जिम्मेदारी दी गई, यहीं नहीं प्राक्टोरियल बोर्ड में पहले की तुलना में इस साल महिला सदस्यों की संख्या भी अधिक रही। 
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed