काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्थापना से लेकर 100 साल तक के दीक्षांत समारोह के साथ ही कुछ महत्वपूर्ण अवसरों पर अतिथियों के भाषणों को एक जगह संकलित करने की योजना अब मूर्त रूप लेने लगी है। मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र के समन्वयक प्रो. आशाराम त्रिपाठी के अनुसार इससे न केवल बीएचयू बल्कि किसी भी विश्वविद्यालय के शोध करने वाले छात्र-छात्रा यहां आकर दीक्षांत समारोह के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
एक्सक्लूसिव: बीएचयू में सहेजे जा रहे 100 साल के दीक्षांत भाषण, 1916 से 2016 के दो खंड होंगे प्रकाशन
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मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र की ओर से 100 साल(1916-2016) के दीक्षांत भाषण को दो खंडों में प्रकाशित कराया जाना है। केंद्र के समन्वयक प्रो. आशाराम त्रिपाठी के देखरेख में 1963 तक का पहला खंड तो आ चुका है, अब 1964 से 2016 तक का दूसरा खंड भी आ रहा है। जल्द ही इसका प्रकाशन भी हो जाएगा।
अनुशीलन केंद्र की ओर से महामना के जीवन दर्शन, मानवीय मूल्यों आदि विषयों पर शोध कराने की दिशा में भी काम शुरू हो गया है। इसमें केंद्र में महामना अभिलेखागार बनाया गया है। यहां महामना के जीवन से जुड़े कई दुर्लभ अभिलेख सहेजकर रखे गए हैं। अब विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के अलावा कुछ महत्वपूर्ण उद्बोधनों को एक जगह प्रकाशित कराया जा रहा है। इसमें कई दुर्लभ कागजातों के साथ ही फोटो को भी शामिल किया गया है। 100 साल के दीक्षांत समारोह में कौन-कौन मुख्य अतिथि थे, उनके दीक्षांत भाषण, कुलपति के भाषण को संकलित कराया गया है।
1919 में मना था बीएचयू का पहला दीक्षांत
बीएचयू का पहला दीक्षांत समारोह 1919 में मनाया गया था। समारोह में चांसलर मैसूर के तत्कालीन महाराजा ने कहा था कि प्रथम विश्वयुद्ध ने यह सुस्पष्ट कर दिया कि ज्ञान की वृद्धि के साथ-साथ मनुष्य के सदाचरण में वृद्धि हो। विद्या मनुष्य को मुक्ति और पूर्णता की ओर ले जाती है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय जैसे केंद्र का उद्देश्य है मानव आदर्शों का विस्तार करना।
ग्यारह सदस्यीय टीम कर रही प्रयास
केंद्र के समन्वयक प्रो. आशाराम त्रिपाठी की देखरेख में दो खंडों में तैयार होने वाली इस विशेष पुस्तक को तैयार करने में 11 सदस्यीय टीम जिम्मेदारी निभा रही है। इसमें रामकृपाल पांडे अध्यक्ष जबकि ध्रुव कुमार सिंह, मायाशंकर पांडेय, जेपी मिश्रा, आनंद शंकर सिंह, अवधेश प्रधान, राकेश रमन, संजीव सराफ, ऊषा त्रिपाठी, धर्मजंग और राजीव कुमार वर्मा को सदस्य बनाया गया है।