काशी हिंदू विश्वविद्यालय के 99वां दीक्षांत समारोह सोमवार को मनाया गया। मुख्य अतिथि भारतरत्न प्रो. सीएनआर राव ने कुल 24 मेधावियों को स्वर्ण पदक से नवाजा। मां-पिता की उपस्थिति में स्वर्ण पदक से नवाजे गए मेधावियों के चेहरे सोने से दमक रहे थे। आगे की स्लाइड्स में देखें, मेधावियों के सपने..
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शिखा दुबे और चंद्रकांत पांडेय को चांसलर समेत तीन गोल्ड मेडल
- फोटो : अमर उजाला
99वें दीक्षांत समारोह में बेटियों का ही दबदबा रहा। दीक्षांत में कुल 26 मेधावियों को गोल्ड मेडल मिलना था, जिसमें 17 मेडल छात्राओं ने अपने नाम किए। शिखा दुबे और चंद्रकांत पांडेय को तीन गोल्ड मिले मिले। दो लोग अनुपस्थित रहे।
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शिखा दुबे और चंद्रकांत पांडेय को चांसलर समेत तीन गोल्ड मेडल
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बीएचयू जैसे शैक्षणिक संस्थान से अपनी मेहनत और लगन की बदौलत गोल्ड मेडल हासिल करना, उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा था। मन में खुशियों का समंदर इस बात पर भी उमड़ा क्योंकि उनकी इस मेहनत से उनके मां-पिता गौरवान्वित थे। तस्वीर में तीन गोल्ड हासिल करने वाली शिख दुबे और उसके माता-पिता।
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तीन गोल्ड हासिल करने वाली शिख दुबे
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कंप्यूटर साइंस से एमएससी की छात्रा शिखा दुबे और शास्त्री के छात्र चंद्रकांत पांडेय को चांसलर, बीएचयू और स्वर्गीय महाराजा विभूति नारायण सिंह स्वर्ण पदक से नवाजा गया। समारोह में 10614 स्नातकों को उपाधि वितरित की गई। अध्यक्षता कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने की।
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तीन गोल्ड हासिल करने वाली शिख दुबे
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कंप्यूटर साइंस में तीन गोल्ड हासिल करने वाली शिखा दुबे वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। मशीन लैंग्वेज के क्षेत्र में शोध कर देश को तकनीक की दुनिया में आगे ले जाना चाहती हैं। शिखा ने कहा कि पहली बार गोल्ड मेडल मिला, बहुत अच्छा लग रहा है। साउथ कोरिया में रिसर्च करने जा रही हूं लेकिन वापस लौटकर अपने देश के लिए ही काम करना चाहती हूं।