कृषि कानून के विरोध में किसानों ने आज भारत बंद बुलाया है, जिसका कांग्रेस समेत कई बड़ी पार्टियों ने समर्थन किया है। पूर्वांचल में भी सपा-कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भी सड़कों पर उतर आए हैं। तो वहीं जिला प्रशासन भी मुस्तैद है। ज्यादातर जगहों पर भारत बंद का असर नहीं देखने को मिल रहा है। कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है, तो कई को नजरबंद कर दिया है।
Bharat Bandh: पूर्वांचल में नहीं दिख रहा भारत बंद का असर, कई नेता गिरफ्तार, तो कई नजरबंद
वाराणसी के जिला मुख्यालय पर डीएम कार्यालय जाने वाले गेट पर तालाबंदी कर सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर एसीएम चतुर्थ को ज्ञापन सौंपने के बाद गेट खोला। वहीं, कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। भेलूपुर क्षेत्र से सपा के पूर्व पार्षद शंकर बिसनानी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। टाउनहाल मैदान से जुलूस निकाल रहे पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह, कम्युनिस्ट पार्टी के नेता हीरालाल यादव, कुंवर सुरेश, डॉ. मो आरिफ सहित 10 से ज्यादा लोगों को कोतवाली थाने की पुलिस ने हिरासत में लिया।
भारत बंद के समर्थन में कांग्रेसियों ने दी गिरफ्तारी
आजमगढ़ जिले में तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों की ओर से किए गए भारत बंद के आह्वान के बीच कांग्रेसियों ने मंगलवार सुबह कार्यालय से जुलूस निकालने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया। कांग्रेसियों से पुलिस कर्मियों की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके पुलिस लाइन भेज दिया गया। वहीं, बंद का जिले में कोई खास असर देखने को नहीं मिला।
किसानों ने हाइवे पर किया प्रदर्शन
सोनभद्र जिले में कृषि बिल के खिलाफ मधुपुर क्षेत्र के किसानों ने जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। हाइवे पर प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों को पुलिस ने वापस लौटाने की कोशिश की। राबर्ट्सगंज तहसील परिसर में किसानों के समर्थन में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया।
सपा-कांग्रेस के शीर्ष के नेताओं को किया गया नजरबंद
मऊ जिले में मंगलवार को भारत बंद के दौरान सुबह और सोमवार की रात में ही जिले के सपा और कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने उनके घर पर ही नजर बंद कर दिया। कई लोगों को पुलिस ने उनके घर से निकलने पर रोक लगा दी।