भाई-बहन के स्नेह का पर्व भैयादूज के नाम से जाना जाता है। भैयादूज के दिन बहन के घर भाई को जाकर भोजन करने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। बहनें रीति रिवाज से अपने भाइयों को टीका लगाकर उनकी दीर्घायु व शुभ मंगल की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहन के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प लेते हैं।
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Bhai Dooj Puja 2021: भाइयों को तिलक के लिए बहनों को मिलेगा दो घंटा 11 मिनट का समय, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
Fri, 05 Nov 2021 05:33 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 05 Nov 2021 05:33 PM IST
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भाई दूज की शुभकामनाएं
- फोटो : amar ujala
bhai dooj
- फोटो : file photo
भाई दूज शुभ मुहूर्त
भाई दूज 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार
भाईदूज पर तिलक का समय : दोपहर 01:10 मिनट से शाम 03:21 बजे तक रहेगा।
तिलक अवधि- कुल मिलाकर 2 घंटा 11 मिनट की रहेगी।
भाई दूज 06 नवंबर 2021 दिन शनिवार
भाईदूज पर तिलक का समय : दोपहर 01:10 मिनट से शाम 03:21 बजे तक रहेगा।
तिलक अवधि- कुल मिलाकर 2 घंटा 11 मिनट की रहेगी।
Bhai Dooj 2021
- फोटो : istock
भाई दूज तिलक विधि
भाई दूज के लिए थाली तैयार करें उसमें रोली, अक्षत, गोला और मिष्ठन रखें। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान पूजन करें। अब घर की उत्तर-पूर्व दिशा में चौक बनाएं और फिर लकड़ी की पटरी पर भाई को बिठाकर तिलक करें और गोला देकर मिष्ठान खिलाएं। इसके बाद प्रेम पूर्वक भाई को भोजन करवाना चाहिए।
भाई दूज के लिए थाली तैयार करें उसमें रोली, अक्षत, गोला और मिष्ठन रखें। सबसे पहले भगवान गणेश का ध्यान पूजन करें। अब घर की उत्तर-पूर्व दिशा में चौक बनाएं और फिर लकड़ी की पटरी पर भाई को बिठाकर तिलक करें और गोला देकर मिष्ठान खिलाएं। इसके बाद प्रेम पूर्वक भाई को भोजन करवाना चाहिए।
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भाई दूज का नियम
जहां रक्षा बंधन के त्योहार पर बहनें भाई के घर आती हैं तो वहीं भाई दूज पर भाई को बहनों के घर जाने का विधान हैं क्योंकि इस दिन यम अपनी बहन यमुना के घर गए थे, इसलिए जिनकी बहनों की शादी हो चुकी है उन भाइयों को अपनी बहन के घर जाना चाहिए। जिनकी शादी नहीं हुई है वे अपने घर पर ही तिलक कर सकती हैं। इस दिन बहनों को अपने भाई को आमंत्रित कर, उनके मनपसंद भोज्य पदार्थ बनाकर खिलाने चाहिए और उनका तिलक करके उन्हें पान खिलाना चाहिए।
जहां रक्षा बंधन के त्योहार पर बहनें भाई के घर आती हैं तो वहीं भाई दूज पर भाई को बहनों के घर जाने का विधान हैं क्योंकि इस दिन यम अपनी बहन यमुना के घर गए थे, इसलिए जिनकी बहनों की शादी हो चुकी है उन भाइयों को अपनी बहन के घर जाना चाहिए। जिनकी शादी नहीं हुई है वे अपने घर पर ही तिलक कर सकती हैं। इस दिन बहनों को अपने भाई को आमंत्रित कर, उनके मनपसंद भोज्य पदार्थ बनाकर खिलाने चाहिए और उनका तिलक करके उन्हें पान खिलाना चाहिए।
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भाई दूज
तिलक करवाने के बाद भाई को भी अपनी बहन का आशीर्वाद लेना चाहिए व उन्हें भेंट में कुछ देना चाहिए। इस दिन यमुना स्नान का विशेष महत्व माना गया है यदि आप सक्षम हैं तो यमुना में जाकर स्नान कर सकते हैं। माना जाता है कि यम द्वितीया के दिन जो भाई बहन यमुना में स्नान करते हैं उन्हें अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है।