बारामूला में सोमवार को आतंकी हमले में शहीद हुए मिर्जापुर जिले के रवि कुमार सिंह दो बहनों में इकलौते भाई थे। आज उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव जिगना थाना क्षेत्र के गौरा गांव पहुंच गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा है।
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वाराणसी एयरपोर्ट पर शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी दी गई।
- फोटो : अमर उजाला
देश के लिए शहीद हुए रवि सिंह के पिता जय सिंह को उन पर बहुत गर्व है। वहीं, मां ने बताया कि उनका बेटा शेर है। वह देश के लिए आतंकियों से लड़कर शहीद हुआ है।
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रवि कुमार सिंह।
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मिर्जापुर जिले के जिगना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी रवि कुमार सिंह 2013 में ग्रेनेडियर-29 राष्ट्रीय राइफल्स में जबलपुर में भर्ती हुए। दो बहनों में इकलौते भाई रवि के पिता संजय सिंह ईट भट्टा व्यवसायी हैं। सोमवार को बारामुला के पट्टन इलाके में आतंकियों ने हमला कर दिया था, जिसमें रवि शहीद हो गए थे।
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शहीद के पिता।
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शासन आदेश करे तो बॉर्डर पर जाकर प्राणों को कर दूं न्योछावर
शहीद के पिता जय सिंह ने कहा कि बेटा देश के लिए शहीद हो गया। दो दिन पहले फोन पर बात हुई थी, बोला था। दो माह की छुट्टी लेकर आऊंगा और दीपावली घर पर मनाऊंगा। बचपन की यादों को ताजा करते हुए कहा कि बचपन की बहुत सी यादें है, उसे स्पोर्ट पसंद था।
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मिर्जापुर से शहीद जवान का पार्थिव शरीर जाता उनके पैतृक गांव।
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बचपन में कहता था कि 18 साल का हो जाऊंगा तो देश की सेवा करूंगा। उसकी यह तमन्ना पूरी हुई। एक और बेटा होता तो उसे भी आतंकियों से मुठभेड़ के लिए भेज देता। दूसरा बेटा तो नहीं है। शासन आदेश दे तो मैं खुद बॉर्डर पर जाकर पुत्र की तरह आतंकियों से लड़कर देश के लिए प्राणों को न्योछावर कर दूंगा।