उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में हुए विमान हादसे की जांच जारी है। सोमवार को हुए एयरक्राफ्ट क्रैश में ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी आ गई है। अमेठी के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की टीम जांच कर रही है।
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क्रैश हुआ विमान, पायलट की मौत।
- फोटो : अमर उजाला
सिर में चोट लगने से हुई पायलट की मौत
प्रशिक्षु पायलट की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट लगना बताया गया है। इसके अलावा शरीर पर कई गंभीर चोटें भी थीं। दोनों कूल्हे और हाथ भी टूट गए थे। इससे कयास लगाया जा रहा है कि पायलट काफी ऊंचाई से नीचे गिरे थे।
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आजमगढ़ विमान क्रैश
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खेत में भी हो सकती है लैंडिंग
इग्रुआ के प्रशासनिक अधिकारी संदीप पुरी ने बताया कि ट्रेनी विमान में पैराशूट नहीं दिया जाता है। कोणार्क 125 घंटे की उड़ान की ट्रेनिंग पूरी कर चुके थे। उन्होंने कहा कि खराब मौसम और अति आत्मविश्वास में ऐसे हादसे हो जाते हैं। अन्यथा इस विमान की आसानी से खेत में भी लैंडिंग कराई जा सकती है।
आजमगढ़ जिले के सरायमीर थाना क्षेत्र के कोलपुर कुसहां गांव में सोमवार को 11 बजे के आसपास खराब मौसम के दौरान ट्रेनिंग में प्रयोग किया जाने वाला इग्रुआ का विमान क्रैश हो गया था। प्रशिक्षु पायलट कोणार्क शरन अमेठी के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) से सुबह 10.20 पर विमान लेकर लेकर चले थे। हादसे में कोणार्क शरन की मौत हो गई थी।
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टुकड़ों में बंटा विमान।
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हादसे की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम जनपद पहुंच गई। इसमें इग्रुवा के प्रशासनिक अधिकारी संदीप पुरी, फ्लाइंग सेफ्टी मैनेजर सीबीएन यादव और चार इंजीनियरों की टीम के साथ एएआईबी के रामचंद्रन शामिल हैं।