2015 में सपा सरकार के दौरान वाराणसी (बनारस) में साधुओं पर हुए लाठीचार्ज लाठीचार्ज की घटना में माफी मांगने पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमने देखा कि उनके मन में उस घटना के लिए पछतावा था। गलती किसी से भी हो सकती है। अपनी गलती को मानकर सुधार के लिए तत्पर होना महत्वपूर्ण है। अखिलेश यादव ने यह जज्बा दिखाया है, इसलिए हम उन्हें अब पुरानी बातें भूलकर नई ऊर्जा के साथ देश समाज की सेवा में लगने को कहा। आशा है कि अब कभी उनके सत्ता में रहते हमारे देवविग्रहों और उनके प्रति आस्था रखने वालों की श्रद्धा का अवमान (अपमान) नहीं होगा। देखें अगली स्लाइड्स...।
आखिलेश यादव के माफी मांगने पर बोले स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद- गलती किसी से भी हो सकती है
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का आशीर्वाद जब उन्हें मिल गया है तो उसके लिए भी हमें सद्भाव रखना है। अखिलेश यादव खुद रविवार को पूज्यपाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर एवं द्वारकापीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज का दर्शन करने हरिद्वार आए थे। शिविर में उनका स्वागत किया गया।
जब वे हमारे पास आए तो हम कुछ बोलते, उसके पहले ही उन्होंने कहा शरणागत हूं...। शरणागत के त्याग का शास्त्रों में विधान नहीं है। शरणागत की रक्षा ही धर्म है। यह सोचकर फिर हमने उनसे पुराने संदर्भ में कुछ न कहा और कुशल क्षेम पूछकर उन्हें शंकराचार्य के पास ले गए। उन्होंने शंकराचार्य से निर्देश, आदेश और आशीर्वाद मांगा।
उन्होंने कहा कि जो भी गलती हमसे पूर्व में हुई, अब वह भविष्य में नहीं होगी। फिर उन्होंने हमारे सानिध्य में ही नीलधारा जाकर गंगा की विधिपूर्वक पूजा की और हमें प्रणाम कर चले गए। हमने यह देखा कि उनको गुरुदेव का आशीर्वाद मिला। स्वाभाविक है कि जिन्हें हमारे श्रीगुरुदेव का आशीर्वाद हो उसके लिए हमें भी सद्भाव रखना ही चाहिए।
2015 में 22 सितंबर की रात हुआ था लाठीचार्ज
गोदौलिया चौक पर बीते वर्ष 22 सितंबर को आधी रात में गणेश प्रतिमा के गंगा में विसर्जन की मांग को लेकर धरना दे रहे संतों-बटुकों पर लाठीचार्ज किया गया था। इसमें स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद, बालक दास समेत 40 से अधिक संत-बटुक घायल हुए थे।
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