आग ने मचायी तबाही : आजमगढ़ में 74 कच्चे मकान जल कर राख, दो बच्चों की झुलसने से मौत, देखें तस्वीरें
अपनी गृहस्थी जल कर राख होता देख लोग परेशान हो उठे और जो बच सके उसे बचाने की कवायद में जुट गए। हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। लोगों के घरों में रखे गैस सिलिंडर व अन्य ज्वलनशील पदार्थ ने तो आग को और भड़काने का काम किया। कई सिलिंडरों के धमाके के साथ फटने की भी बात सामने आ रही है लेकिन किसी भी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। अचानक अगलगी की घटना में जो जिस हाल में था वह वैसे ही घरों से बाहर निकाल कर खुद को सुरक्षित करने में जुट गया। जब तक राहत कार्य शुरू होता तब तक काफी देर हो चुकी थी।
एसडीएम सगड़ी गौरव कुमार व सीओ सगड़ी राजेश तिवारी मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाले, इसके बाद राहत व बचाव कार्य की शुरूआत हो सकी। कई मवेशियों के भी जल कर मरने की सूचना आ रही है। आग पर काबू पाए जाने के बाद एक घर से दो मासूम बच्चे पांच वर्षीय मुस्कान और तीन वर्षीय अवनीश गंभीर रूप से जले मिले। जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोनों बच्चे अगलगी से बचने के लिए घर के एक कोने में छुप गए थे और फिर बाहर नहीं निकल पाए।
देर से शुरू हुआ राहत व बचाव कार्य, आक्रोश
आग की घटना ने जब 74 घरों को जला कर खाक कर दिया तो प्रशासनिक अमला सामने आया। जिसके चलते देर से राहत व बचाव कार्य की शुरूआत हुई। प्रशासन की लेट लतीफी पर ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आए। घटना के दौरान बदहवाशी की हालत में सभी अपने-अपने घरों से बाहर की ओर भाग निकले थे। बाद में जब लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों का हाल लेना शुरू किया तो गांव निवासी राकेश राम के दो बच्चे 5 वर्षीय मुस्कान व 3 वर्षीय अमित जले हाल में अपने मकान में ही मिले। जिन्हें अस्पताल भेजा गया जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हर तरफ मचा कोहराम
आग की घटना से हर तरफ कोहराम मच गया था। वहीं दो बच्चों की मौत ने तो पूरे गांव को ही हिला कर रख दिया था। पीड़ित परिवार के तन के कपड़ों को छोड़ कर कुछ भी नहीं बचा था। अनाज, घर गृहस्थी का सामान सब आग की भेंट चढ़ गया था। कई मवेशी भी आग की चपेट में आकर झुलस व मर गए है।