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Unnao Case: बुआ-भतीजी की हत्या में फोरेंसिक को मिले सुराग, पुलिस ने पूर्व सांसद को गांव के बाहर रोका
Fri, 19 Feb 2021 01:56 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 19 Feb 2021 01:56 PM IST
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उन्नाव केस: नए सिरे से शुरु हुई जांच, पुलिस ने पूर्व सांसद को गांव के बाहर रोका
- फोटो : amar ujala
उन्नाव के असोहा में मिले बुआ भतीजी के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने नए सिरे से मामले की जांच शुरु कर दी है। जिस जगह पर दोनों के शव मिले थे वहां डॉग स्क्वाड को ले जाया गया। जिसके बाद डाॅग स्क्वाड गांव की ही एक दुकान पर पहुंचा। पूछताछ करने पर पता चला कि खेत जाने से पहले लड़कियों ने गांव की एक दुकान से नमकीन का पैकेट खरीदा था। फोरेंसिक टीम ने जांच के लिए दुकान के सभी चिप्स नमकीन के पैकेट कब्जे में लिए।
पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले मृतका के परिजनों से मिलने के लिए बाबुरहा गांव पहुंची। पुलिस ने उन्हें गांव के अंदर नहीं जाने दिया जिसपर वो भड़क उठीं। कुछ देर बाद पूर्व सांसद की परिवार से मुलाकात कराई गई। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
उन्नाव के असोहा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुआ-भतीजी का अंतिम संस्कार उस जगह से कुछ दूर खेत में किया गया, जहां उनके शव मिले थे। बुआ-भतीजी के शवों को जब परिजन खेत लेकर जा रहे थे तो गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है।
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पूर्व सांसद सावित्रीबाई फुले मृतका के परिजनों से मिलने के लिए बाबुरहा गांव पहुंची। पुलिस ने उन्हें गांव के अंदर नहीं जाने दिया जिसपर वो भड़क उठीं। कुछ देर बाद पूर्व सांसद की परिवार से मुलाकात कराई गई। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए।
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उन्नाव के असोहा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुआ-भतीजी का अंतिम संस्कार उस जगह से कुछ दूर खेत में किया गया, जहां उनके शव मिले थे। बुआ-भतीजी के शवों को जब परिजन खेत लेकर जा रहे थे तो गांव के लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है।
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उन्नाव केस: गांव में भारी फोर्स तैनात
- फोटो : amar ujala
कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम रवींद्र कुमार, एसपी आनंद कुलकर्णी भी उस जगह पर मौजूद रहे जहां दोनों का अंतिम संस्कार हुआ। राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और हंगामे की संभावना को देखते हुए गांव के आने-जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस बल तैनात है।
उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहर से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। दिनभर गांव में नेताओं का तांता लगा रहा।
बता दें कि गुरुवार शाम शवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का रास्ता ग्रामीणों ने रोक दिया था। जिससे देर शाम तक दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। घटना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गांव निवासी काजल (16) अपनी चचेरी बहन रोशनी (14) और भतीजी कोमल (12) के साथ बुधवार दोपहर तीन बजे खेतों से चारा लेने गई थीं।
बुधवार शाम साढ़े छह बजे तीनों खेतों में बदहवास हालत में पड़ी मिलीं थीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने काजल और कोमल को मृत घोषित कर दिया था। रोशनी को गंभीर हालत में कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने गुरुवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि किशोरियों की मौत जहर से हुई है।
किशोरियों के शरीर पर किसी भी तरह की आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पाई गई। चूंकि फोरेंसिक रिपोर्ट से जहर के बारे में पता चलेगा इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। उधर, गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। काजल के पिता सूरज ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उन्नाव में असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गांव में दोनों किशोरियों की मौत जहर से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। विसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक लैब में जहर की जांच कराई जाएगी। मृतक किशोरियों के शरीर पर एक भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हाथ-पैर बांधे जाने के साक्ष्य न तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए हैं और न ही पुलिस की जांच में। दिनभर गांव में नेताओं का तांता लगा रहा।
बता दें कि गुरुवार शाम शवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने के लिए बुलाई गई जेसीबी का रास्ता ग्रामीणों ने रोक दिया था। जिससे देर शाम तक दोनों किशोरियों का अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका था। घटना में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गांव निवासी काजल (16) अपनी चचेरी बहन रोशनी (14) और भतीजी कोमल (12) के साथ बुधवार दोपहर तीन बजे खेतों से चारा लेने गई थीं।
बुधवार शाम साढ़े छह बजे तीनों खेतों में बदहवास हालत में पड़ी मिलीं थीं। सीएचसी में डॉक्टरों ने काजल और कोमल को मृत घोषित कर दिया था। रोशनी को गंभीर हालत में कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने गुरुवार को दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ कि किशोरियों की मौत जहर से हुई है।
किशोरियों के शरीर पर किसी भी तरह की आंतरिक या बाहरी चोट नहीं पाई गई। चूंकि फोरेंसिक रिपोर्ट से जहर के बारे में पता चलेगा इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया है। उधर, गांव में पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। काजल के पिता सूरज ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।