चोर-पुलिस की दौड़ आपने जरूर सुना होगा लेकिन विधायक और पुलिस की दौड़ का मामला यूपी के शामली में देखने को मिल रहा है। यहां सपा विधायक नाहिद हसन पुलिस से चार कदम आगे दिखाई दिए। प्रशासन हजारों की संख्या में पुलिस बल के साथ कैराना विधायक नाहिद हसन को गिरफ्तार करने पहुंचा था लेकिन विधायक पुलिस के पहुंचने से पहले ही गाड़ी समेत चंपत हो गए। अब विशेषज्ञों की टीम को विधायक की खोज में लगाया गया है: -
पुलिस से भी तेज निकले सपा विधायक नाहिद हसन, गाड़ी समेत हुए चंपत, अब सर्विलांस से ढूंढ रहा प्रशासन
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शनिवार को ताबड़तोड़ दबिश के बाद भी विधायक का कुछ पता नहीं लगा है। पुलिस की 11 टीमें कैराना विधायक की तलाश में दबिश डाल रही हैं। पुलिस ने विधायक का सुराग लगाने को सर्विलांस एक्सपर्ट की टीमों को भी लगाया है। पुलिस को लग रहा है कि विधायक कैराना से कहीं दूर निकल गए हैं।
एसपी के अनुसार विधायक और उनके कुछ नजदीकियों के मोबाइल नंबर भी बंद चल रहे हैं, लेकिन पुलिस की टीमें जुटी हैं। सर्विलांस की मदद ली जा रही है। उनके कुछ संभावित ठिकानों का पता लगाया गया है। वहां भी पुलिस टीमें जाकर दबिश देंगी। उधर, ऐसी भी चर्चा है कि विधायक अग्रिम जमानत की कोशिश भी कर सकते हैं।
एसडीओ पर हमले के मामले में विधायक पर मुकदमे की धारा भी पुलिस द्वारा बढ़ा दी गई है। मामले में 10 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत का होने का दावा किया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि यदि इसकी कोई अधिकृत सूचना नहीं है और यदि अंतरिम जमानत मिल भी जाती है तो दो मुकदमों में गिरफ्तारी वारंट के आधार पर विधायक की गिरफ्तारी होगी।
भाकियू भी रही मौन, नहीं आई आगे
भारतीय किसान यूनियन सुप्रीमो नरेश टिकैत की मध्यस्थता से ही 16 सितंबर को पुलिस प्रशासन ने कैराना विधायक नाहिद हसन पक्ष को गाड़ी और उसके कागजात दिलाने को पांच दिन का समय दिया था, लेकिन तय समय सीमा में विधायक पक्ष ऐसा नहीं कर सका, लिहाजा भाकियू भी इसमें आगे नहीं आई। इस मसले पर 16 सितंबर को कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम हसन सिसौली जाकर भारतीय किसान यूनियन सुप्रीमो नरेश टिकैत से मिली थीं।