हरियाणा में धान लेकर जा रहे यूपी के किसानों को हरियाणा पुलिस ने रोक दिया। इसके विरोध में किसानों ने हंगामा शुरू किया तो हरियाणा पुलिस ने किसानों पर बल प्रयोग किया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। साथ ही कई किसानों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के विरोध में किसानों ने जाम लगा दिया। अधिकारियों द्वारा समझाने पर करीब नौ घंटे बाद जाम तो खोल दिया, लेकिन सीमा पर धरना देकर बैठ गए।
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश के बाद करनाल जिला प्रशासन ने यूपी से हरियाणा में बिक्री के लिए आने वाले धान पर रोक लगा दी। बॉर्डर पर धान को रोके जाने के बाद किसानों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया और हरियाणा में प्रवेश की कोशिश की।
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यूपी के किसानों को पीटा।
- फोटो : amar ujala
आरोप है कि हरियाणा पुलिस ने किसानों पर लाठियां भांजी और कुछ किसानों को हिरासत में ले लिया है। इसके विरोध में यूपी के किसानों ने सुबह छह बजे बॉर्डर पर हंगामा किया और हरियाणा पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। धरने के कारण मेरठ-करनाल हाईवे पर दो किमी लंबा जाम लग गया।
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जमकर हंगामा।
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वहीं किसानों के गुस्से को देखते हुए दोनों राज्यों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को विश्वास में लेकर वार्ता की और दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आश्वासन दिया। जिस पर किसानों ने दोपहर तीन बजे जाम खोल दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद धान के वाहन रोकने पर किसानों ने हरियाणा की सीमा में फिर से धरना शुरू कर दिया।
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धरने पर बैठे किसान।
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धरने में भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद, राजकुमार, कालूराम राठी, मैनपाल चौहान आदि मौजूद रहे। इस दौरान एसडीएम निकिता शर्मा, सीओ कैराना अमरदीप मौर्या व एसओ झिंझाना, चौसाना पुलिस सहित अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।
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नौ घंटे तक लगा रहा जाम।
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हरियाणा पुलिस पर सिख समाज के अपमान का आरोप
बुधवार की शाम से यूपी के किसानों का धान बॉर्डर पर रोका जा रहा था, जिसका किसान विरोध कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो आरोप है कि डोकपुरा निवासी सिख जसवंत सिंह की पगड़ी को हरियाणा पुलिस ने पैरों में रौंदा। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है।