शामली में अपर दोआब चीनी मिल में बॉयलर की तकनीकी खराबी ठीक होने के बाद मिल चलने के बावजूद गुरुवार को दिनभर शहर की सड़कें जाम रहीं। गन्ने के वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों ने लखनऊ में जिले के नोडल अफसर डॉ. संजय कुमार से समस्या के निस्तारण की मांग की।
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आज आएंगे मंडलायुक्त और डीआईजी
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल ने गन्ने के जाम को लेकर जिले के नोडल अफसर व यूपी रोडवेज के एमडी डॉ. संजय कुमार से लखनऊ में फोन से वार्ता की। नोडल अफसर को बताया कि शहर में गन्ने के जाम से हर कोई परेशान है। व्यापार ठप हो गया है। जिस पर नोडल अफसर ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह डीएम व एसपी से मामले में बात करके जाम से मुक्ति दिलाने के निर्देश देंगे। उन्होंने बताया कि मंडलायुक्त डॉ. एम लोकेश, डीआईजी सुधीर कुमार शुक्रवार को शामली आकर कलक्ट्रेट में जाम के मुद्दे पर वार्ता करेंगे।
व्यापारियों ने 14 नवंबर से अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी
पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के सुभाष चौक स्थित प्रांतीय मुख्यालय पर हुई व्यापारियों की बैठक में व्यापारियों ने मुख्य बाजारों में गन्ने के वाहनों से लगने वाले जाम की समस्या पर रोष व्यक्त किया। समस्या का समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन बंद की चेतावनी दी।
प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो व्यापारी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि शहर में आए दिन गन्ने की ट्रैक्टर ट्रॉली और बोगियों से भयंकर जाम से व्यापार चौपट हो गया है। जिसके लिए शुगर मिल प्रशासन जिम्मेदार है। जाम के कारण छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं और महिलाएं बाजारों में आवश्यक कार्य हेतु नहीं आ पा रही हैं। एंबुलेंस जैसी सेवाएं भी जाम से प्रभावित है और कोई भी व्यक्ति समय पर अपने ऑफिस या दुकान तक नहीं पहुंच पा रहा है।
उन्होंने कहा कि 14 नवंबर से पहले समस्या का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो व्यापारी मजबूरन अपने व्यापार अनिश्चितकाल के लिए बंद करके चाबी जिला प्रशासन को सौंप देंगे।
गन्ने के वाहनों के जाम के चलते बंद किए प्रतिष्ठान, धरने पर बैठे
हनुमान धाम के सामने व्यापारियों ने मिल प्रबंधन और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने किसानों के वाहनों को रोकने का प्रयास भी किया। व्यापारियों का कहना था कि दुकानों के बाहर गन्ने के वाहन खड़े रहने से उनका व्यापार ठप हो गया है। सामुदायिक अस्पताल में आने वाले मरीजों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा, दुकानें नहीं खोलेंगे।