अग्निपथ रोजगार की नहीं युवा पीढ़ी को आग में झोंकने की योजना है। मोदी सरकार कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के दौरान मुखर रहे राज्यों के युवाओं से बदला ले रही है। किसानों के बाद अब जवानों पर प्रहार किया जा रहा है। ये सरकार यदि युवाओं को रोजगार देती है, तो मैं अपनी सांसद की पेंशन छोड़ने को तैयार हूं। यह बात रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद चौधरी जयंत सिंह ने शामली के काबड़ौत गांव में आयोजित युवा पंचायत में कही।
कृष्णा विद्या मंदिर हाई स्कूल के प्रांगण में अग्निपथ के विरोध में पहली युवा पंचायत में जयंत चौधरी केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को लेकर मुखर रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर राजनीतिक के साथ व्यक्तिगत कटाक्ष भी किए।
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चौधरी जयंत सिंह
- फोटो : अमर उजाला
चौधरी जयंत ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान से किसान के बेटे बड़ी संख्या में भर्ती होते थे। पहले से तय होता था कि किसान का एक बेटा खेती करेगा और दूसरा फौज में जाएगा। जमीन कम होने और परिवार की जरूरतें बढ़ने की वजह से सेना के प्रति रुझान बढ़ा था। लेकिन जिन लोगों के परिवार नहीं हैं, वह दूसरे के परिवारों की जरूरतों को नहीं समझेंगे।
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Chaudhary jayant singh
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि इस सरकार की नीतियों ने कृषि को घाटे का सौदा बना दिया। अब इनकी नजरें सेना पर हैं। यह देश पर मर मिटने वालों की कौम मिटाने की साजिश हो रही है। सेना मरने के लिए नहीं मारने के लिए बनाई जाती है।
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शामली में पंचायत।
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राज्यसभा में समान अधिकार आयोग के गठन का प्रस्ताव लाऊंगा
चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि राज्यसभा में समान अधिकार आयोग के गठन के लिए प्राइवेट मेंबर बिल लाऊंगा। सरकारी नौकरी तो यह सरकार खत्म करती जा रही है। ऐसे में यह बिल जरूरी है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को भी प्राइवेट कंपनियों में उच्च स्तर पर नियुक्ति मिल सके।
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मंच से बोलते जयंत चौधरी।
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हरियाणा में जैसे निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी क्षेत्रीयता को बढ़ावा देने वाला कानून लाया गया है, यह बिल ऐसी व्यवस्था खत्म कराने का काम करेगा। सभी को समान अवसर मिलने चाहिए।