ISI Agent Noman: कभी आम दिखने वाला युवक 28 वर्ष का नोमान इलाही अब सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर है। कैराना के बाजार बेगमपुरा निवासी नौमान इलाही को पानीपत पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करते हुए गिरफ्तार किया।
उसके खिलाफ देशद्रोह और खुफिया राज साझा करने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वह पिछले दो साल से भारत की खुफिया जानकारियां आईएसआई को भेज रहा था। ऑपरेशन सिंदूर के तहत अब उसे श्रीनगर जाने का टास्क दिया गया था। हालांकि इसमें वह कामयाब नहीं हो सका और देश की खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया।
2 of 7
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
सुबह 6 बजे नोमान के घर छापा, पासपोर्ट और दस्तावेज जब्त
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे, पानीपत की CIA फर्स्ट यूनिट दो गाड़ियों में नोमान को लेकर कैराना पहुंची। स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में मकान का ताला खुलवाया गया और घंटों तलाशी चली। तलाशी के दौरान कई अलग-अलग लोगों के पासपोर्ट, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए, जिन्हें टीम अपने साथ ले गई। गली में भीड़ जमा हो गई, लोग हैरान थे कि उनके बीच पाकिस्तान का जासूस रह रहा था।
3 of 7
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए श्रीनगर भेजने की थी तैयारी
नोमान को पाकिस्तान से निर्देश मिल रहे थे कि उसे 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत श्रीनगर जाए। उसके मोबाइल की व्हाट्सएप चैट में यह प्लान सामने आया है। मोबाइल चैट कहा गया है कि उसे श्रीनगर जाकर सेना की तैनाती, मूवमेंट और गतिविधियों की जानकारी साझा करनी है। बदले में मोटी रकम का लालच दिया गया था।
4 of 7
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
हर सूचना के बदले पैसे का लालच, वीडियो कॉल्स के सबूत भी मिले
'हर जानकारी के बदले अच्छे पैसे मिलेंगे, तुझे मालामाल कर देंगे'-ये लाइनें उसके व्हाट्सएप चैट में मिलीं। नोमान की जांच पड़ताल के दौरान मोबाइल में वीडियो कॉल्स और पाकिस्तानी नंबरों से बातचीत के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं।
नोमान कोई एक-दो बार नहीं, बल्कि पिछले दो साल से लगातार पाकिस्तान को भारत की संवेदनशील जानकारी भेज रहा था। वह फोन पर बात करने के बाद अपनी भेजी हुई चैट्स डिलीट कर देता था, लेकिन पाकिस्तान से आई चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, वीडियो कॉल्स के स्क्रीनशॉट और मीडिया फाइल्स पुलिस को मिल गईं। इससे जाहिर है कि यह एक सोच-समझकर रचा गया खुफिया नेटवर्क था।
5 of 7
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नोमान को लेकर कैराना पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद
आठवीं पास, लेकिन सोशल मीडिया का शातिर है नोमान
नोमान महज आठवीं तक पढ़ा है, लेकिन टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बखूबी करता था। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी की आड़ में वह सूचनाएं जुटाकर पाकिस्तान भेजता रहा। ड्यूटी पर बैठे बैठे ही वह सोशल मीडिया हैंडलिंग और तकनीक का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था। पुलिस का कहना है कि वह पूरी ट्रेनिंग लेकर जासूसी कर रहा था और सिर्फ पैसा कमाना उसका मकसद बन चुका था।
यह भी पढ़ें: UP: पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपी नोमान को लेकर कैराना पहुंची पानीपत सीआईए, घर से कई दस्तावेज किए बरामद