चाइनीज मांझे की चपेट में आकर जान गंवाने वाले सिपाही शाहरुख की तैनाती खुदागंज थाने में थी। दो दिन पहले ही वह तबादले पर पुलिस लाइन आए थे। उनको अभियोजन कार्यालय में नियुक्ति मिली थी।
2 of 5
शाहरुख की बाइक
- फोटो : अमर उजाला
पिता लगाते हैं पंचर
शनिवार को शाहरुख की मौत की सूचना जैसे ही पिता अबरार हसन और बड़े भाई साजिद को मिली, वे बिलख पड़े। राजकीय मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी पहुंचने पर उन्हें लोग सांत्वना देते रहे। परिजनों के मुताबिक, शाहरुख की पुलिस में भर्ती होने की इच्छा थी। उसने पढ़ाई के साथ-साथ पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू कर दी थी। पिता अबरार खेती करने के साथ पंचर जोड़ने की दुकान भी चलाते हैं। उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पढ़ा-लिखाकर कामयाब बनाया।
3 of 5
शाहरुख को उठाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले हुआ था तबादला
शाहरुख ने पिता के काम में सहयोग करने के साथ पुलिस भर्ती की काफी लगन से तैयारी की। वर्ष 2018 में उनकी पहली पोस्टिंग शाहजहांपुर पुलिस लाइन में हुई। यहां से उन्हें खुदागंज थाने भेज दिया गया था। दो दिन पहले ही उनका तबादला पुलिस लाइन में हुआ था। शनिवार सुबह शाहरुख ने भाई साजिद को फोन पर बताया था कि नई जगह तैनाती हो गई है। काम समझ रहे हैं। बाकी परिवार में सबके हालचाल लिए थे।
4 of 5
मौके पर मौजूद लोग और पुलिस वाले
- फोटो : अमर उजाला
बड़े भाई ने भी पास की पुलिस भर्ती परीक्षा
शाहरुख के बड़े भाई साजिद ने भी पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा पास कर ली है। उनका मेडिकल होना बाकी है। शाहरुख की छोटी बहन शमा परवीन ने परास्नातक की परीक्षा पास की है। बेटे की मौत से मां रुखसाना का रो-रोकर बुरा हाल है।
5 of 5
सिपाही शाहरुख
- फोटो : अमर उजाला
साथी की मौत से पुलिसकर्मी भी दुखी
लंबे समय तक शाहरुख खुदागंज थाने में तैनात रहे। इस दौरान उनके साथ में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को जब हादसे की सूचना मिली तो वे मौके पर आ गए। सहकर्मी मोहम्मद सलीम और अशोक कुमार ने बताया कि शाहरुख बहुत ही व्यावहारिक और मिलनसार थे।