संभल में मां कैला देवी की जय, बूढ़े बाबा की जय के उद्घोष के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया। संभल में दोनों धार्मिक स्थलों की बहुत मान्यता है। इनका उद्घोष कर पीएम मोदी ने संभल के लोगों की आस्था को स्पर्श कर अपनत्व का अहसास कराया। पीएम मोदी के मुंह से मां कैला देवी का जयकारा सुनकर सभी लोग जयकारे लगाने लगे और बाद में पूरा पंडाल मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा।
UP: मां कैला देवी और बूढ़े बाबा के जयकारे लगवा मोदी ने जीता दिल, जानें क्या है संभलवासियों के लिए इनकी मान्यता
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संभल तहसील में गांव मुजाहिदपुर के नजदीक मां कैला देवी का मंदिर है और असमोली में बूढ़े बाबा का बड़ा मेला लगता है। यहां भी एक छोटा सा थान यानी मंदिर है। दोनों स्थानों की संभल में बहुत अधिक मान्यता है। पीएम मोदी ने सभा में मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले तीन बार मां कैला देवी की जय, दो बार बूढ़े बाबा की जय और तीन बार भारत माता की जय के नारे लगाए। इसके बाद अपना संबोधन शुरू किया। उसके बाद कल्कि अवतार और आचार्य प्रमोद कृष्णम से अपनी बात आगे बढ़ाई। पीएम मोदी ने 30 मिनट तक भाषण दिया।
भगवान श्री कृष्ण की बहन हैं मां कैला देवी
मां कैलादेवी के पीठाधीश्वर महंत ऋषिराज गिरि जी महाराज ने बताया कि मां कैलादेवी का स्थल करीब 700 वर्ष पुराना है। मां कैलादेवी यदुवंश की कुलदेवी और भगवान श्री कृष्ण की बहन हैं। मान्यता है कि यहां पर जो भी व्यक्ति सच्ची मुराद लेकर आता है, उसकी मुराद अवश्य पूरी होती है।
बूढ़े बाबा हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक
असमोली में बूढ़े बाबा का थान है। थान के पुजारी शीशराम सिंह प्रजापति ने बताया कि यह हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष यहां पर बड़ा मेला लगता है। मान्यता है कि यहां पर प्रत्येक शनिवार, माह मार्गशीर्ष व भादपद्र की द्वितीया तिथि को तालाब में स्नान करने से चर्म रोग दूर हो जाते हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु तालाब में स्नान के लिए आते हैं। यहां पर सभी धर्मों के लोग काफी संख्या में आते हैं।
गर्भगृह में हुआ छह मिनट पूजन
श्री कल्कि धाम के शिलान्यास कार्यक्रम की तैयारियां सोमवार की सुबह छह बजे से शुरू हो गई थीं। साढ़े सात बजे से गर्भगृह का पूजन शुरू किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिलान्यास के लिए 10.20 बजे कार्यक्रम स्थल पर हेलीकॉप्टर से पहुंचे। इसके बाद वह गर्भगृह में 10.31 बजे पहुंचे। उन्होंने छह मिनट तक नौ शिलाओं का पूजन कर श्री कल्कि धाम की आधारशिला रखी।
इसके बाद उन्होंने श्री कल्कि धाम के मंदिर के मॉडल का लोकार्पण किया। शिलाओं का पूजन महाकाल उज्जैन से पुजारी पीयूष चतुर्वेदी, विपुल चतुर्वेदी, गोपाल कृष्ण शुक्ला, श्याम सुंदर शर्मा, गौरव शर्मा द्वारा कराया गया। श्री कल्कि धाम की पूर्व शिला नौ शिलाओं के मध्य में स्थापित की गई।
मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ऋतेश्वर जी महाराज, जूना पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरि, कैलाशानंद ब्रह्मचारी और आचार्य प्रमोद कृष्णम मौजूद रहे। प्रधानमंत्री का स्वागत स्वामी नवीनानंद जी, स्वामी कल्याणदेव जी, महामंडलेश्वर भईय्यादास जी, महंत दीनानाथ जी, महंत हरमनोज दास जी ने किया। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंच का संचालन किया।