उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में खनन माफिया पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल उर्फ बाला के बाद अब उनके करीबी सनी नागपाल और अजय चांदना पर भी एसआईटी का शिकंजा कसने लगा है। एसआईटी की जांच में पता लगा है कि सनी नागपाल के नाम कई जगहों पर हाजी इकबाल की कृषि भूमि है। वहीं, अजय चांदना के खातों में सीधे रुपये का लेन-देन हुआ है। एसआईटी को कॉल डिटेल के आधार पर कई साक्ष्य मिले हैं। एसएसपी आकाश तोमर के मुताबिक हाजी इकबाल के मामलों की जांच कर रही एसआईटी द्वारा ईडी को भी पूर्ण विवरण साझा किया जाएगा।
हाजी इकबाल के खुलेंगे बड़े राज: साथियों पर एसआईटी का शिकंजा, कॉल डिटेल में मिले अहम सुराग, अफसर भी हैरान
एसएसपी का कहना है कि यह दोनों लंबे समय से खनन माफिया के साथ मिलकर काम कर रहे थे। इनकी फोन कॉल डिटेल निकालने पर पुलिस के हाथ कई अहम साक्ष्य लगे हैं, जिसकी जांच की जा रही है, इन जानकारियों को पूर्ण विवरण के साथ ईडी से भी साझा किया जाएगा। एसआईटी दोनों के बारे में और जानकारियां जुटाने में लगी हैं।
हाजी इकबाल के खुलेंगे कई और राज
पुलिस के मुताबिक सनी नागपाल का कोल्ड स्टोरेज है और वह मसाला कारोबारी है। इसके अलावा प्रॉपर्टी कारोबार भी करते हैं। इसी तरह अजय चांदना भी प्रॉपर्टी कारोबारी है। एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, जिसके आधार पर हाजी इकबाल से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
मुंबई पुलिस ने की थी पूछताछ
एसएसपी ने बताया कि पांच साल पूर्व श्री राधे ट्रेडिंग कंपनी के मालिक रमेश नागपाल के बेटे सनी नागपाल को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया था। राधे ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर बकाया 34 करोड़ रुपये अदा नहीं कर पाए। इसी के चलते ईओडब्ल्यू (इकनॉमिक ऑफेंसेस विंग) मुंबई की ओर से यह कार्रवाई की गई थी। उस पर 5600 करोड़ के गबन का आरोप था। तब यह भी सामने आया था कि श्री राधे ट्रेडिंग कंपनी के रुपये हाजी इकबाल की कंपनी में लगाए गए थे।
चर्चाओं में हाईप्रोफाइल मामला, बैकफुट पर सत्ता पक्ष के नेता
यह मामला पूरे दिन चर्चाओं में रहा। सोशल मीडिया पर भी सनी नागपाल और अजय चांदना को लेकर बहस छिड़ी रही। इस मामले में सत्ता पक्ष के नेता भी बैकफुट पर आ गए। जनकपुरी थाना क्षेत्र में हुए विवाद में सत्ता पक्ष के नेताओं ने सनी नागपाल और अजय चांदना के पुत्रों की पैरवी की थी, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक नहीं चली।
ऐसे कसा शिकंजा, यह था मामला
सोमवार की रात जनकपुरी क्षेत्र में आंबेडकर चौक पर प्रकाशपुरम निवासी विशेष पाठक कार से जा रहे थे। तभी, उनकी गाड़ी से टक्कर लगने को लेकर प्रमोद चांदना, मनीष चांदना पुत्रगण अजय चांदना निवासी मिशन कंपाउंड और सनी नागपाल के साथ विवाद हो गया। विशेष पाठक ने दर्ज कराए मामले में बताया था कि आरोपियों ने नशे में उनके साथ मारपीट की थी। पता लगने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके साथ अभद्रता की गई थी। आरोपियों ने वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों और दरोगा के साथ भी धक्का-मुक्की थी। इसी बीच थाना जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस सनी नागपाल, प्रमोद, मनीष चांदना और मौके पर पहुंचे अजय चांदना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
इसके बाद पुलिस ने सनी, प्रमोद, मनीष को थाने में मुर्गा बनाया था। आरोपियों के खिलाफ विशेष पाठक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसएसपी आकाश तोमर ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की थी। आरोपियों को थाने से जमानत देकर छोड़ दिया गया था। इसी मामले के बाद सुर्खियों में आए सनी नागपाल और अजय चांदना की पुलिस ने जांच की तो उनका गठजोड़ खनन माफिया व पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल से भी मिला है।
हाजी इकबाल ने नौकर नसीम को बनाया तीन शुगर मिलों को मालिक
खनन माफिया हाजी इकबाल ने अपने करीबी नौकर नसीम पुत्र अब्दुल गफ्फार उर्फ गफूर निवासी मिर्जापुर को अपनी करोड़ों की संपत्ति का मालिक बना रखा है। वह तीन शुगर मिलों को मालिक है। हाजी इकबाल ने नसीम को लखीमपुर खीरी, गोरखपुर और सीतापुर की चीनी मिलों का डायरेक्टर बनाया है। इसके अलावा उसके पास गोल्डन एग्रीकल्चर के नाम से 600 बीघा जमीन जो मिर्जापुर क्षेत्र के ही शाहपुर गाड़ा, फतेहपुर टांडा व सफीपुर गांव में स्थित है। उसके नाम 87 बीघा जमीन व बाग और बेटे नदीम के नाम 35 बीघा जमीन व बाग है, जबकि नसीम और उसका परिवार मजदूर किस्म का है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे नसीम को मिर्जापुर पुलिस ने गत 21 अप्रैल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इससे पहले हाजी इकबाल के करीबी पूर्व ब्लॉक प्रमुख राव लईक को भी मिर्जापुर पुलिस गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।