मेरठ में मोदीपुरम क्षेत्र के दुल्हैड़ा गांव में दीपक की हत्या के बाद शुक्रवार को मातम छाया रहा। वहीं मृतक दीपक के मोहल्ले में किसी के घर में चूल्हा भी नहीं जला। दिनभर ग्रामीण परिवार को सांत्वना देते रहे। पोस्टमार्टम के बाद दीपक का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीण रो पड़े। उन्होंने आरोपियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग की।
यह थी वारदात
दुल्हैड़ा गांव में गुरुवार रात में दो सगे भाइयों ने घर में घुसकर दीपक चौहान (35) की हत्या कर दी थी। शुक्रवार की सुबह भीड़ ने हत्यारोपी रितिक वाल्मीकि और भोलू के घर में आग लगा दी। हिस्ट्रीशीटर रितिक को भीड़ ने पीटकर पुलिस को सौंप दिया। वहीं उसके भाई भोलू को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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विलाप करती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
इनके अलावा दो नामजद आरोपी हाथ नहीं आए। गांव में जातीय तनाव है। हत्यारोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने और पीड़ित परिवार को मुआवजे की मांग करते हुए लोगों ने जाम भी लगाया। पुलिस का दावा है कि हत्या शराब पीने का विरोध करने पर हुई है।
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दीपक चौहान हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
महिलाओं ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए
दीपक के शव को सड़क पर रखकर जाम लगाते ही दुल्हैड़ा गांव की महिलाएं भी मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई तो पुलिस पीछे हट गई। ग्रामीण लगातार आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने, परिवार को 50 लाख मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग करते रहे। उन्होंने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की।
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मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
सीओ दौराला आशीष शर्मा, कंकरखेड़ा व पल्लवपुरम थाना प्रभारी ने समझाने का प्रयास किया तो लोगों ने धक्का-मुक्की कर उन्हें गांव से भगा दिया। दो घंटे बाद भी जब डीएम नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कहा कि डीएम गांव में नहीं आएंगे तो शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
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हत्या के बाद गांव में तनाव
- फोटो : Amar Ujala Meerut
मीनाक्षी चौहान नजरबंद
हंगामे की आशंका में पुलिस ने शव आने से पहले ही भाजपा नेत्री मीनाक्षी चौहान को उनके घर में नजरबंद कर दिया। जानकारी होने पर भारी संख्या में महिलाएं उनके घर पहुंच गईं और उनको मौके पर लेकर पहुंचीं।