कोरोना काल में मां की मौत के बाद छह साल का शाहजेब अनाथ हो गया था। मां की मौत से पहले उसके पिता की मौत भी हो चुकी थी। बताया गया कि एक पहले उसके दादा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया था। जब वह अकेला रह गया तो लॉकडाउन में भीख मांगने पर मजबूर हो गया।
आखिर कौन है शाहजेब: भीख मांग करता था गुजारा, अब बन गया करोड़पति, डॉक्टर बनने का है सपना
कोरोना ने छीन लिया था मां का आंचल
सहारनपुर जिले के गांव पंडोली में रहने वाली इमराना पति मोहम्मद नावेद की मौत के बाद 2019 में अपने ससुराल वालों से नाराज होकर मायके यमुनानगर, हरियाणा चली गई थी। वह अपने बेटे शाहजेब को भी साथ लेकर गई थी। हालांकि उसके ससुराव वालों ने काफी मनाने का प्रयास किया था, लेकिन वह नहीं मानी थी। वहीं कोरोना काल में इमराना की मौत हो गई। वहीं मां की मौत के बाद शाहजेब अकेला रह गया।
एक साल पहले हुई दादा की मौत
अमर उजाला के संवाददाता ने शाहजेब के छोटे दादा शाह आलम से बात की तो उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले बड़े भाई याकूब की मौत हो गई थी। साथ ही उन्होंने बताया कि बड़े भाई याकूब ने मरने से पहले अपने पोते शाहजेब के नाम अपनी आधी जायदाद नाम कर दी थी। वसीयत लिखे जाने के बाद से परिजन शाहजेब को ढूंढ रहे थे।
लावारिस जिंदगी जी रहा था शाहजेब
तब से शाहजेब कलियर में लावारिस जिंदगी जी रहा था। वह अपना पेट भरने के लिए भीख मांगने को भी मजबूर था।
परिवार में ईद जैसी खुशियां
शाहजेब के छोटे दादा शाह आलम कहते है कि बच्चे के मिलने से परिवार में ईद की खुशियां जैसा माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें विश्वास था कि ऊपर वाला उनकी जरूर सुनेगा और एक दिन उनका बच्चा जरूर मिलेगा। ऊपर वाले के रहम और कर्म से उनका बच्चा से कुशल मिल गया है। दादा शाह आलम का कहना है कि वह बच्चे की परवरिश कर उसे अच्छा नागरिक और काबिल बनाएंगे।