मंजू के प्रेम संबंधों की जानकारी लगते ही परिजनों ने उसकी शादी कहीं और करा दी थी। मंजू की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ करा दी गई लेकिन पति से उसे प्यार नहीं था। प्रेमी अजय से उसका संबंध नहीं छूटा। शादी को कई साल गुजर गए लेकिन दोनों ने चोरी छिपे मिलना जारी रखा। जब भी मंजू अपने मायके जाती तो मामा के घर जाने का बहाना कर अजय से मिलने जाती। इसका पता मंजू के पति सन्नी को भी चल चुका था। ससुराल आने पर मंजू का मायके जाना भी बंद हो गया था।
रिश्तों का कत्ल: शादी को 10 साल बीते पर प्रेमी से न छूटा मोह, आंखों में खटकने लगा पति, मंजू ने फिर रची साजिश
सहारनपुर जनपद गागलहेड़ी थानाक्षेत्र में रविदास मंदिर के समीप रहने वाले सन्नी पुत्र जनेश्वर का शव 29 मई को भगवानपुर बाईपास मार्ग पर गांव चौरादेव के समीप विकास कुमार के खेत से बरामद हुआ था। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस हर तरह से छानबीन में जुटी थी लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था। यहां तक कि शव की पहचान कराना मुश्किल हो गया। पुलिस छानबीन के तीन माह गुजर गए। यहां तक कि चार माह बाद शव की पहचान हो पाई। मंजू ने शव की पहचान अपने पति के रूप में की।
पुलिस इसे पहले से ही इसे हत्या मानकर चल रही थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मृतक के नजदीकी लोगों से पूछताछ शुरू की और पत्नी को भी हिरासत में ले लिया। इस मामले में शुरूआत से ही सन्नी की पत्नी मंजू शक के घेरे में थी लेकिन कोई ठोस सबूत उसके खिलाफ नहीं मिल रहा था। जांच के बाद मंजू से सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गई और सारा सच पुलिस के सामने उगल दिया।
मंजू ने स्वीकार किया कि उसने ही अपने प्रेमी और उसके साथी से मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया था। प्रेमी अजय रेलवे में गेटमैन की नौकरी करता है। पूछताछ के दौरान मंजू ने बताया कि उसकी शादी करीब 10 साल पहले सन्नी से हुई थी लेकिन प्रेमी अजय के साथ शादी से पहले ही उसके प्रेम संबंध थे। मंजू के मामा हत्यारोपी अजय के गांव के ही रहने वाले हैं, जहां शादी से पहले मंजू का आना-जाना था।