प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का कई बार सहारनपुर आगमन हुआ। उस दौर के भाजपा नेताओं को जैसे ही कल्याण सिंह के देहावसान की सूचना मिली तो आघात लगा, साथ ही कल्याण सिंह की वह तमाम पुरानी बातें याद आ गईं, जो उनसे मिलने के दौरान पेश आई थीं। उनका कहना है कि कल्याण सिंह व्यक्तिगत संबंधों को बहुत अच्छी तरह निभाते थे और हरसंभव मदद करते थे, जिससे आम कार्यकर्ता भी उनका कायल हो गया था।
यादें: सहारनपुर में कई बार आए थे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, पढ़िए उनसे जुड़े कुछ अनसुने किस्से
...जब बराती बनकर सहारनपुर आए कल्याण सिंह
यह बात 29 अप्रैल 1980 की है। अतरौली से मनोज माहेश्वरी की बरात सहारनपुर में आई थी। मनोज माहेश्वरी की शादी माहेश्वरी स्ट्रीट निवासी कृष्णगोपाल की बेटी सुनीता देवी के साथ हुई थी। उस बरात में कल्याण सिंह भी बराती की हैसियत से आए थे और बरात की आवभगत पंचायती मंदिर धर्मशाला में हुई थी, क्योंकि बरात को इसी धर्मशाला में ठहराया गया था।
चुनावी सभाओं को भी कई बार किया संबोधित
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान भी कई बार सहारनपुर आकर चुनावी सभाओं को संबोधित किया था। वह 1990 में मुजफ्फराबाद विधानसभा सीट के लिए हुई चुनावी सभा में संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश का संचार कर गए थे।
चौधरी नकली सिंह को टिकट दिलाने में अहम भूमिका
सहारनपुर लोकसभा सीट से वर्ष 1996 और 1998 में चौधरी नकली सिंह भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गए। उनको टिकट दिलाने में भी कल्याण सिंह की अहम भूमिका थी। उन्होंने संगठन में चौधरी नकली सिंह की मजबूत पैरवी की, जिसके बूते पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी बनाया और वह जीत भी गए थे।
कृष्णा वट का पौधा किया भेंट
संघ के पुराने कार्यकर्ता और भाजपा में रहे राजेंद्र अटल बताते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का बेहद प्रेम कार्यकर्ताओं को मिलता था। उन्होंने ही मुझे मंडी समिति का चेयरमैन बनाया था। इसके बाद वह एक बार लखनऊ में उनसे मिलने पहुंचे तो कृष्णा वट का पौधा लेकर गए थे। उस पौधे को कल्याण सिंह ने अपने आवास के परिसर में ही लगवा दिया था।