सहारनपुर कोतवाली के किशनपुरा निवासी सराफ साैरभ बब्बर की लाश गंगा से बरामद कर ली गई, जबकि पत्नी के शव का कोई सुराग नहीं लग सका। साैरभ ने मोना के साथ गंगा में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया था।
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मैं सौरभ बब्बर कर्ज के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। अंत में मैं और मेरी धर्मपत्नी मोना बब्बर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। हमारी किशनपुरा वाली प्रॉपर्टी (दुकान व मकान) दोनों बच्चों के लिए हैं।
हमारे दोनों बच्चे अपनी नानी के घर रहेंगे। इनका जीवन अब हम पति-पत्नी उनके हवाले करके जा रहे हैं। बच्चे वहीं रहेंगे। क्योंकि हमें किसी और पर भरोसा नहीं है। लेनदारों को हमने अंधाधुंध ब्याज दिया है। हम अब और नहीं दे पा रहे हैं। हम जहां सुसाइड करेंगे, उस जगह जाकर व्हाट्सएप पर फोटो शेयर कर देंगे। इस दुनिया से अलविदा। सराफा कारोबारी ने कुछ इस तरह का सुसाइड नोट परिजनों को भेजकर आत्मघाती कदम उठाया है।
दरअसल, सौरभ बब्बर 10 अगस्त की शाम अपनी पत्नी मोना बब्बर के साथ हरिद्वार गया था। उसने कुछ दिन पहले ही नई बाइक खरीदी थी। पांच साल के बेटे संयम और 12 साल की बेटी श्रद्धा को गोविंदनगर में उनके नाना-नानी के घर छोड़ गए थे। बच्चों को नहीं पता था कि उनके मम्मी-पापा नहीं लौटेंगे।
दरअसल, मृतक सौरभ बब्बर गोल्ड किटी के साथ कमेटी डालने का काम करता था। जैसे ही लोगों को सौरभ का शव हरिद्वार में मिलने की जानकारी मिली तो वे सीधे उसके घर की तरफ दौड़े। देखा कि घर पर ताला लगा हुआ और दुकान भी बंद है। किशनपुरा निवासी हरप्रीत सिंह भाटिया ने बताया कि 1.28 लाख रुपये की कमेटी डाली थी। 40 हजार रुपये एडवांस जमा भी किए थे। इसी तरह आशीष कुमार का कहना है कि 1.20 लाख रुपये की कमेटी डाली हुई थी। इस तरह के 500 से 600 लोग हैं, जिनकी कमेटी चल रही थी। लोगों ने आरोप लगाया कि सौरभ की तरफ से सुसाइड नोट का पता चलते ही उसके रिश्तेदार दुकान से सामान और नकदी लेकर चले गए थे।
सोशल मीडिया पर मृतक की ऑडियो वायरल
सौरभ बब्बर ने मौत को गले लगाने से पहले एक ऑडियो बनाकर वायरल की। जिसमें सौरभ ने कहा कि यह सबको दिखा देना। हम हरिद्वार में हैं और हम जा रहे हैं दुनिया छोड़कर। हम यहां से छलांग लगा रहे हैं।