उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में आयोजित चिलकाना में किसान पंचायत में शामिल होने से पहले प्रियंका गांधी ने आदि शक्ति मां शाकंभरी देवी के दरबार में मत्था टेका और पूजा अर्चना की। इस दौरान प्रियंका गांधी का खास अंदाज देखने को मिला।
नीला कुर्ता, भगवा दुपट्टा और माथे पर लाल तिलक, महापंचायत में प्रियंका गांधी का दिखा जुदा अंदाज, सियासी गलियारे में रही ये चर्चा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जब किसान पंचायत में मंच पर पहुंची तो नंगे पैर थीं। गहरे नीले रंग का सूट और सलवार पहनी हुई थी तो गले में भगवा चुनरी के साथ काले रंग का शॉल डाला हुआ था। माथे पर तिलक था।
भगवा चुनरी माता शाकंभरी देवी मंदिर दरबार में पूजा के बाद उन्होंने गले में पहनी थी। इसके अलावा महामंडलेश्वर भूपेंद्र गिरि और महामंडलेश्वर नवीनानंद महाराज ने भी उन्हें माता वैष्णो देवी मंदिर में पूजन के बाद लाई गई चुनरी पहनाई।
प्रियंका गांधी देहरादून से दोपहर करीब 12 बजकर 50 मिनट पर सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी पहुंची। यहां उन्होंने पहले बाबा भूरादेव मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और पूजा की। 1 बजकर 10 मिनट पर उनका काफिला मां शाकंभरी देवी मंदिर पहुंचा। यहां उन्होंने मां के चरणों में मत्था टेका और प्रसाद चढ़ाने के बाद मां भगवती के सामने ध्यान लगाकर बैठ गईं।
हिंदू और मुस्लिमों की साधने की कोशिश
प्रियंका गांधी के शाकंभरी देवी और खानकाह रायेपुर जाने के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रियंका ने हिंदू और मुस्लिम दोनों को साधने की कोशिश की।
गंगा और यमुना नदियों के दोआब में स्थित इन दोनों धार्मिक स्थलों से बड़ी तादाद में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों की आस्था जुड़ी है। श्री शाकंभरी देवी वेस्ट यूपी का विख्यात सिद्धपीठ है, वहीं खानकाह रायेपुर भी ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। जंग-ए-आजादी में खानकाह की अहम भूमिका रही है। यहीं से तहरीक-ए-रेशमी रुमाल चली थी।
सियासी गलियारों में चर्चा रही कि हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों की भावनाओं से जुड़ने के लिए प्रियंका यहां पहुंचीं। मां शाकंभरी देवी मंदिर में 45 मिनट का लंबा समय पूजा में लगाया। खानकाह रायेपुर में जियारत की और दुआ कराई।
चिलकाना में किसान पंचायत की शुरुआत भी उन्होंने माता शाकंभरी देवी मंदिर से की। उन्होंने मंच से मां शाकंभरी की कथा भी सुनाई। इसके पीछे उनकी मंशा हिंदू और मुस्लिम को किसान आंदोलन में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस के साथ जोड़ने की रही।