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CoronaVirus: जिले के अलग-अलग इलाकों की मस्जिदों में रुके थे 57 बाहरी लोग
Thu, 02 Apr 2020 01:42 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 02 Apr 2020 01:42 AM IST
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कुंडा कस्बे में देर रात तक मस्जिदों और मदरसों को खंगालती रही पुलिस।
- फोटो : pratapgarh
जिले में तब्लीगी जमात से जुड़े बाहरी लोगों की तलाश में आधी रात को एसडीएम, सीओ की अगुवाई में छापा मारा गया। जिससे हड़कंप मचा रहा। इस दौरान जिले की अलग-अलग मस्जिदों में 57 बाहरी लोग रुके मिले। यह लोग देश के अलग-अलग इलाकों से आए थे।
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कुंडा कस्बे में देर रात तक मस्जिदों और मदरसों को खंगालती रही पुलिस।
- फोटो : pratapgarh
दिल्ली के निजामुद्दीन में धार्मिक जलसे में शामिल होकर लौटे कुछ लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत व सैकड़ों लोगों के संक्रमण की चपेट में आने की खबर के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया। शासन के आदेश के बाद मंगलवार को दिन भर तब्लीगी जमात के बारे में एलआईयू की टीम पता लगाती रही।
जमात के जिम्मेदारों से जानकारी जुटाने के बाद सभी की सूची तैयार हुई। जिले की अलग-अलग मस्जिदों में 57 लोगों के रुके होने की तिथिवार जानकारी एकत्र करने के बाद आधी रात को उन इलाकों में मजिस्ट्रेट व पुलिस ने एक साथ छापा मारा।
जमात के जिम्मेदारों से जानकारी जुटाने के बाद सभी की सूची तैयार हुई। जिले की अलग-अलग मस्जिदों में 57 लोगों के रुके होने की तिथिवार जानकारी एकत्र करने के बाद आधी रात को उन इलाकों में मजिस्ट्रेट व पुलिस ने एक साथ छापा मारा।
उड़ैयाडीह में पुलिस द्वारा कार की तलाशी में मिले डिग्गी में बैठे लोग।
- फोटो : pratapgarh
जिसके बाद हड़कंप मच गया। कुंडा, नगर कोतवाली, कंधई, रानीगंज, कोहड़ौर में ताबड़तोड़ छापा मारा गया। पुलिस ने सभी को मस्जिदों से खोज निकाला। सभी से पूछताछ के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलाई गई। जांच कराने के बाद सभी को गांवों में ही सुरक्षित स्थानों में क्वारंटीन कर दिया गया।
एलआईयू के निरीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि जिले में कुल 57 लोग दिसंबर से लेकर 21 मार्च तक आए हैं। अधिकांश लोग पहले से आए हुए हैं और मजहबी जानकारी देने के लिए मस्जिदों में निकलते रहे हैं। 21 मार्च को आने वाले लोग भी मिल गए हैं। इनमें अधिकांश देहरादून के रहने वाले हैं। जांच के बाद किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। सभी को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की निगरानी में रखा गया है।
एलआईयू के निरीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि जिले में कुल 57 लोग दिसंबर से लेकर 21 मार्च तक आए हैं। अधिकांश लोग पहले से आए हुए हैं और मजहबी जानकारी देने के लिए मस्जिदों में निकलते रहे हैं। 21 मार्च को आने वाले लोग भी मिल गए हैं। इनमें अधिकांश देहरादून के रहने वाले हैं। जांच के बाद किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। सभी को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की निगरानी में रखा गया है।
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उड़ैयाडीह में कार से घर जा रहे लोगों से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : pratapgarh
14 मार्च को 11 लोग आए दिल्ली के निजामुद्दीन से
जिले में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से भी तब्लीगी जमात से जुड़े लोग आए हैं। 11 लोग 14 मार्च को दिल्ली के निजामुद्दीन से जिले में आए थे। 4 लोग 21 मार्च को पहुंचे। हालांकि चारों लोग निजामुद्दीन से पहले सुल्तानपुर गए। वहां कुछ दिन रुकने के बाद प्रतापगढ़ पहुंचे। पूछताछ करने के बाद पुलिस ने सभी लोगों को क्वारंटीन कर दिया है।निजामुद्दीन से आने वाले देहरादून के रहने वाले 15 लोगों को पुलिस ने रानीगंज के नरसिंहगढ़ की अलग-अलग मस्जिदों से खोज निकाला। पूछताछ के दौरान देहरादून के रहने वाले तौसीफ, बिलाल, विशाल अहमद, अय्यूब ने बताया कि वह 20 फरवरी को निजामुद्दीन से चलकर सुलतानपुर पहुंचे थे। वहां से 21 मार्च को जामा मस्जिद प्रतापगढ़ आए।
जबकि देहरादून के ही रहने वाले मोहम्मद अब्दुल कुरैशी, मोबीन, शमीम, इंतजार, समीर, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद अल्ताफ, मोहम्मद इमरान, उस्मानी और मुस्तगीर मरकज निजामुद्दीन से 14 मार्च को प्रतापगढ़ जामा मस्जिद पहुंचे थे। यहां से जिम्मेदारों ने सभी को देल्हूपुर भेज दिया।
वहां से सभी नरसिंहगढ़ पहुंच गए। जहां अलग-अलग मस्जिदों में सभी रुके हुए थे। एसडीएम राहुल कुमार व सीओ रानीगंज डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने सभी से पूछताछ के बाद रात में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम बुला ली। जिसने सभी की जांच की। राहत की बात यह है कि किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। एहतियातन सभी को गांव की ही पीएचसी में क्वारंटाइन कर दिया गया है।