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CoronaVirus: बंद हो गए कई निजी अस्पताल, परेशान हो रहे हैं मरीज
Wed, 01 Apr 2020 11:34 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 01 Apr 2020 11:34 PM IST
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अजीतनगर में नर्सिंग होम का बंद शटर।
- फोटो : pratapgarh
एक तरफ कोरोना के संक्रमण के खतरे के बीच जिले के सरकारी अस्पतालों में डाक्टर और कर्मचारी 24 घंटे डटे हुए हैं तो वहीं दूसरी तरफ कई निजी अस्पतालों बंद हो गए हैं। प्राइवेट डाक्टरों ने अपने क्लीनिक में भी ताला लगा दिया है। इससे बीमार होने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है।
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.कटरा रोड शिवजीपुरम स्थित नर्सिंगहोम में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : pratapgarh
डाक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी तन्मतयता से अपना फर्ज अदा कर रहे हैं। वहीं जिले के कई निजी अस्पताल कोरोना के डर से बंद हो गए हैं। मरीजों को भर्ती करना दूर संचालकों ने अस्पताल में ताले लगा दिए हैं। डाक्टर मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं।
कटरा रोड करनपुर में स्थित नर्सिंगहोम का बंद गेट।
- फोटो : pratapgarh
सर्जरी छोड़ अन्य मरीजों को भर्ती से कतरा रहे चिकित्सक
नर्सिंगहोम संचालक इन दिनों सर्जरी के मामले तो देख रहे हैं, लेकिन अन्य मरीजों को भर्ती करने से कन्नी काट जा रहे हैं। ऐसे में परेशान मरीज प्राइवेट अस्पतालों का चक्कर काट रहे हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों को लौटा दिया जा रहा है। उन्हें जिला अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है। कई अस्पतालों में तो इसका बोर्ड भी लगा दिया गया है।
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गायघाट रोड दहिलामऊ में बंद नर्सिंगहोम।
- फोटो : pratapgarh
शासन ने दिया है मरीजों का इलाज करने का आदेश
शासन ने आदेश दिया है कि यदि नर्सिंगहोम या फिर क्लीनिक बंद मिले तो तत्काल उसका लाइसेंस निरस्त किया जाए। नर्सिंगहोम के चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की लिस्ट सीएमओ के पास होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर 24 किसी समय इन लोगों को बुलाया जा सकता है। इनके यहां मरीजों को भर्ती किया जाए।सभी तहसील का एक-एक डिप्टी सीएमओ को नोडल अफसर बनाया गया है। यदि नर्सिंगहोम संचालक मरीजों को भर्ती करने से हाथ खड़े करते हैं तो तत्काल सीज कर दें। पैथालॉजी संचालक जांच करने में आनाकानी करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्लीनिक का गेट बंद मिलता है तो लाइसेंस जब्त कर लिया जाए। सभी को कोरोना जैसी महामारी से बचकर मरीजों का इलाज करने को कहा गया है। डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।