पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बाघों की बढ़ती संख्या न सिर्फ सैलानियों को आकर्षित कर रही है, बल्कि एक अलग पहचान दिला रही है। रविवार को कल्याणपुर गांव की सीमा में तीन दिन से देखी जा रही बाघिन की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जो रोमांचित करने वाली हैं। अपनी दहाड़ से लोगों का दिल दहला देने वाली बाघिन को एक चूहे ने चने चबवा दिए। बाघिन की निगरानी में जुटे अफसर भी नजारे को देखते ही रहे गए। आखिर बाघिन चूहे को पकड़ने में नाकाम रही। डब्ल्यूटीआई के तराई हेड अनिल नायर ने अपने कैमरे से बाघिन की तस्वीरें कैद कर अमर उजाला से साझा की हैं।
दरअसल, शहर के करीब दस किलोमीटर दूरी पर स्थित कल्याणपुर गांव के आसपास तीन दिन पूर्व से एक बाघिन की मौजूदगी देखी जा रही है। वन विभाग के अलावा डब्ल्यूटीआई की टीमें में भी बाघिन की निगरानी में जुटी हैं।
2 of 5
सरसों के खेत में बाघिन
- फोटो : WTI के तराई हेड अनिल नायर
रविवार सुबह करीब आठ बजे टीमें बाघिन की निगरानी में जुटी थी। इस दौरान गन्ने के खेत से निकलकर बाहर आई बाघिन पास के ही सरसों के खेत में पहुंच गई। करीब पांच मिनट तक बाघिन वहां बैठी रहीं। दूर खड़े होकर वन विभाग के अफसर बाघिन पर नजर रख रहे थे।
3 of 5
सरसों के खेत में बाघिन
- फोटो : WTI के तराई हेड अनिल नायर
इस दौरान बाघिन अचानक सतर्क हुई। इलाके में बाघिन की सक्रियता देख अफसर भी सतर्क हुए। सरसों के खेत में बाघिन छलांग लगाती नजर आई। दूर खड़े अफसर मंथन में जुटे रहे। करीब पांच मिनट तक बाघिन की हरकतें जारी रहीं।
4 of 5
चूहा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : संवाद
अफसरों ने खेत में चूहा होने का अनुमान लगाया। बाघिन चूहे को पकड़ने के लिए छलांग लगी रही थी। यह दृश्य देख अफसर भी हैरान रह गए। डब्ल्यूटीआई के अनिल नायर ने खेत में छलांग लगाती बाघिन की तस्वीरें खींच लीं।
5 of 5
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
डब्ल्यूटीआई के तराई हेड अनिल नायर ने बताया कि कल्याणपुर के निकट बाघिन की निगरानी में टीमें जुटी थी। अचानक सरसों के खेत में मौजूद बाघिन छलांग लगाने लगी। इसपर सभी सतर्क हुए, लेकिन एक ही स्थान पर छलांग लगाने से चूहे होने का अनुमान लगाया गया। हालांकि चूहे के जाने के बाद बाघिन फिर गन्ने के खेत में चली गई।