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टाइम बम से खलबली: स्लीपर सेल मॉड्यूल या चुनाव में दंगों की तैयारी? IB को इन सवालों के जवाबों की तलाश

Sat, 17 Feb 2024 04:11 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: Dimple Sirohi Updated Sat, 17 Feb 2024 04:11 PM IST
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Time bomb: Sleeper cell module or riots in elections, IB looks for answers
बम बनाने का आरोपी जावेद - फोटो : Amar Ujala

मुजफ्फरनगर में बोतल बम बनाने वाले जावेद की गिरफ्तारी से सवाल उठ रहा है कि जिले में कोई आतंकी संगठन कहीं स्लीपर सेल माड्यूल्स तो तैयार नहीं कर रहा है? पूरे मामले के पीछे कौन है? महिला के तार किससे जुड़े हैं? जावेद को किसने बम बनाने पर लगाया है और पूरे गिरोह के इरादे क्या थे ?

Time bomb: Sleeper cell module or riots in elections, IB looks for answers
time bomb - फोटो : Amar Ujala

ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जब आतंकी संगठन चोरी छिपे नव युवकों को बहला-फुसला कर अपने लिए काम करने के लिए तैयार करते हैं। युवकों को रुपये का लालच दिया जाता था और गिरफ्तार जावेद को भी बम बनाने के लिए रुपये दिए गए थे और कुछ रुपये बाद में दिए जाना तय किया गया था।

इससे आशंका बन रही है कि आतंकी संगठन के लिए कोई स्लीपर सेल माड्यूल्स तो तैयार तो नहीं किए जा रहे हैं। एसटीएफ के साथ ही आईबी की टीम ने पहुंच कर जावेद से पूछताछ कर कई सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की।

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आरोपी जावेद को लेकर जाती STF व बरामद टाइम बम - फोटो : Amar Ujala

बेहद खतरनाक हैं बम, बड़ा सवाल आखिर आईईडी कहां से आया?
आईबी और एटीएस टीमों के मुताबिक जो टाइमर बोतल बम बरामद हुए हैं, उनकी मारक क्षमता बेहद खतरनाक है। अगर इनमें एक साथ विस्फोट हो तो भारी नुकासान हो सकता है। बताया गया कि मात्र एक बोतल बम एक मकान को उड़ाने के लिए काफी था।

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टाइम बम, बम निरोधक दस्ता - फोटो : Amar Ujala

साल 2000 में बमों के साथ पकड़ा था पाकिस्तानी वारिस
जिले में बम पहली बार नहीं, बल्कि वर्ष 2000 में भी पकड़े गए थे। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने 31 मार्च 2000 को गांव जौला से अशफाक और पाकिस्तान के गुजरावाला निवासी वारिस को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय दावा किया था कि वारिस आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ा है और इन दोनों के पास से अवैध असलहा व हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है।

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जावेद गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला

18 मई 2017 को एडीजे-7 ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके अलावा जानसठ क्षेत्र के गांव महलकी निवासी तस्लीम का नाम भी बम बनाने के मामले में सामने आया था। तस्लीम आसाम में बम बनाते हुए घायल भी हुआ था। अब एसटीएफ ने जावेद को बमों के साथ पकड़ा है। खुफिया विभाग ने इस मामले में आतंकी संपर्क खोजने शुरू कर दिए हैं।

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