हादसे की सूचना पलभर में ही पूरे क्षेत्र में फैल गई। मदद के लिए लोग दौड़े। दुकानदार, किसान, मजदूर और व्यापारी सब मौके पर पहुंचे। जैसा बन पड़ा, सभी ने वैसी मदद की। मलबा हटाने के लिए जिस सामान की जरूरत पड़ी, वही लाकर दिया। भाईचारे की ताकत से देर रात तक पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर मदद के हाथ उठते रहे।
हादसे से मची चीख-पुकार: जानसठ में भाईचारे की ताकत से मदद को उठे हाथ, मंजर देख कांप गई लोगों की रूह
हाईवे गुजर रहे लोगों ने देखा मंजर, कांप गई रूह
शाम लगभग पांच बजे थे और रोजाना की तरह जानसठ में तालडा मोड से वाहनों व राहगीरों का आजा जाना लगा हुआ था। इसी बीच वाहनों में जाने वाले लोगों की निगाह तालडा मोड पर बनी दुमंजिला दुकानों की तरफ चली गई, तब लोगों ने देखा कि दुकानों का लिंटर अचानक गिर गया था। मंजिला बारह दुकानें नीचे की तरफ गिरने लगी थी। कुछ ही क्षणों में सभी दुकान नीचे गिए गई थी।
इस मंजर को देखकर वाहनों में जाने वाले लोग जहां के तहां रुक गए। जो स्थानीय लोग दुपहिया वाहनों से गांव तालडा की तरफ जा रहे थे उन्होंने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। लोग मोबाइल से पुलिस को फोन करने लगे थे। कुछ देर में आसपास रहने वाले सैकडों लोग मौके पर पहुंच गए। जानसठ व मुजफ्फरनगर की दमकल टीम ने भी पहुंच कर बचाव में प्रयास शुरू कर दिए।
लोहे के रिंच के कारण जाती रही हवा और बची जिंदगी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानों का लिंटर ऊपर उभारने के लिए मजदूरों ने ईंटों की थम व लोहे के बडे बडे रिंचों का सहारा लिया था। रविवार शाम अचानक दलक से एक रिंच फिसल गया जिससे लिंटर का संतुलन बिगड गया। इसके बाद एक के बाद एक रिंच और ईंटों से बना थम नीचे की और गिरने लगे जिस कारण लिंटर गिर गया। इस दौरान लिंटर के बीच मजदूर फंस गए। लिंटर गिरने पर लोहे के रिंचों पर लिंटर टूटने के बाद भी टिका रहा जिस कारण अंदर हवा जाती रही और इससे मजदूरों की जिंदगी बच गई।
बचाव के लिए पहुंची एसडीआरएफ-एनडीआरएफ टीम
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और एसएसपी अभिषेक सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ को सूचना दी। यूं तो दमकल विभाग टीम, पुलिस व सामाजिक कार्यकर्ता तथा सैकडों ग्रामीण मदद के लिए लगे रहे। देर रात तक प्रशिक्षित तीनों टीम भी बचाव कार्य में जुट गई।
पांच जनरेटर की रोशनी में 12 जेसीबी से उठाया मलबा
शाम के समय हुए हादसे के बाद बचाव कार्य में रात हो गई। मौके पर अंधेरा होने लगा तो अधिकारियों ने प्रकाश व्यवस्था के लिए पांच जनरेटर मंगाए। इसके बाद वहां लाइट की रोशनी में लिंटर काटने व अन्य कार्य शुरू किया गया। लिंटर के मलबे के नीचे मजदूर दबे थे। उन्हें बाहर निकालने के लिए आनन फानन में ही जेसीबी मंगाई गई। बारह जेसीबी की मदद से मलबे में मजदूरों की तलाश शुरू कराई गई।
इस हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई है जबकि अन्य का अस्पताल में उपचार चल रहा है। मलबे से ज्यादतर मजदूर बाहर निकाल लिए गए हैं जबकि एक मजदूर अभी मलबे में ही दबा है। बताया गया कि मलबे में फंसा मजदूर जिंदा है। एनडीआरएफ के कर्मचारियों के अनुसार उसे बाहर निकालने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।