मीरापुर विधानसभा के उपचुनाव में रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल ने 30426 वोटों के अंतर से सपा की सुम्बुल राना को हरा दिया है। मिथलेश को 83852 वोट मिले, जबकि सुम्बुल राना 53426 वोट ही हासिल कर सकी।
मिथलेश पाल उपचुनाव जीतकर दूसरी बार विधानसभा पहुंची हैं। इससे पहले साल 2009 में भी वह मोरना से विधायक रही हैं।
बसपा प्रत्याशी शाह नजर 3181 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गई। आसपा के जाहिद हुसैन 22400 वोट मिले। चौकाने वाली बात यह रही कि एआईएमआईएम के प्रत्याशी अरशद राना को 18867 वोट मिले। सपा की हार की मुख्य वजह ओवैसी फैक्टर बन गया।
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मतगणना स्थल पहुंची रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल
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सीएम योगी और जयंत के भरोसे की जीत : मिथलेश पाल
मीरापुर की नवनिर्वाचित विधायक मिथलेश पाल ने कहा कि उनकी जीत सीएम योगी आदित्यनाथ और रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत सिंह के भरोसे की जीत है। चौधरी अजित सिंह ने उन्हें हमेशा राजनीति में आगे बढ़ाया। चुनाव के नतीजों की परवाह नहीं की। 2009 में चौधरी अजित सिंह ने टिकट दिया था। चौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चलते हुए वह हमेशा किसान-मजदूरों के हित की लड़ाई लड़ेंगी।
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सपा प्रत्याशी सुम्बुल राना
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पहले चरण के नतीजे जानते ही खिल गए रालोद समर्थकों के चेहरे
मीरापुर विधानसभा के पहले चरण के नतीजे आए तो रालोद समर्थकों के चेहरे पर खुशी की लहर दाैड़ गई। प्रथम चरण में रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल 4253 वोट पाकर सबसे आगे हो गईं। सपा प्रत्याशी सुम्बुल राना को 1698 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी शाहनगर को मात्र 96 मत प्राप्त हुए। वहीं आसपा के प्रत्याशी जाहिद हुसैन को 1531 वोट मिले।
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ककराैली में पुलिस व महिला
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आसपा के जाहिद हुसैन 22400 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रत्याशी अरशद राना को 18 हजार 867 वोट मिले। सपा की हार की मुख्य वजह ओवैसी फैक्टर माना जा रहा है। पार्टी के अध्यक्ष ओवैसी ने 18 नवंबर को ककरौली में रैली की थी।
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उपचुनाव में मतदाताओं को रोकने का आरोप
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497 मतदाताओं ने किया नाटो का प्रयोग
उपचुनाव में कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे। 497 मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग भी किया। कुल एक लाख 84 हजार 666 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग उपचुनाव में किया था।