उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान पर आज महापंचायत के मंच से टिकैत परिवार ने एकसाथ हुंकार भरी। किसान आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली गठवाला खाप ने एक बार फिर ताकत दिखाई। महापंचायत में गठवाला खाप की बड़ी भागीदारी मानी जा रही है। गौरतलब है कि लंबे समय बाद सरकार के खिलाफ किसानों में ऐसा गुस्सा देखने को मिला है। महापंचायत में किसान, मजदूर, कर्मचारी, छात्र व महिलाएं भी बढ़ चढ़कर शामिल होने पहुंचे। पंचायत में पहुंची महिलाओं ने कहा कि हमें अगली पीढ़ी को जवाब देना है, यह हमारे हक की जंग है।
kisan Mahapanchayat: जाटलैंड से राकेश टिकैत ने भरी हुंकार, कहा- मोदी-योगी की झूठी है सरकार
गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह को बनाया महापंचायत का अध्यक्ष
महापंचायत का अध्यक्ष गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह को बनाया गया। किसान आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली गठवाला खाप को भी बल दिया है। भाकियू नेता ओमपाल मलिक ने कहा कि गठवाला हमेशा की तरह सबसे खास भूमिका निभाएगा, सबसे बड़ी भागीदारी गठवाला खाप की होगी।
गठवाला खाप के थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी ने कहा कि किसानों के लिए निर्णायक फैसले की घड़ी है। किसान के भविष्य का सवाल है। वर्तमान की जरूरत एकता की है। खाप किसानों के साथ खड़ी है। भैंसवाल की बत्तीसा खाप के चौधरी सूरजमल ने कहा कि गठवाला खाप ने महापंचायत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। किसान अगर नहीं जागे तो पीढ़ियां बर्बाद हो जाएंगी। इसलिए किसानों को एकजुट होना पड़ेगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अब यह मिशन यूपी नहीं अब मिशन भारत है। हमें भारत के संविधान को बचाना है। मोदी सरकार और योगी सरकार बिजली, एयरपोर्ट सब कुछ बेचने की तैयारी कर रहे हैं।
महापंचायत के मंच से टिकैत ने कहा कि मोदी-योगी की सरकार झूठी है। किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई। किसानों को गन्ने का भाव 430 रुपये प्रति कुंतल नहीं मिला। अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी दिल्ली में आंदोलन जारी रहेगा। पूरे देश में संयुक्त मोर्चा आंदोलन करेगा। जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होगा तबतक घर वापस नहीं लौटूंगा।
सहारनपुर में शराब के सभी ठेके बंद
किसान महापंचायत को लेकर सहारनपुर जिले में भी पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। हरियाणा बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस के जवान तैनात किए गए। आबकारी विभाग ने भी चौकसी दिखाई। किसानों की वापसी के दौरान भी पुलिस अधिकारियों की पैनी नजर रही। उधर, महापंचायत के बाद किसी प्रकार की अराजकता न फैले इसके लिए अधिकारी चौकस हैं। सहारनपुर जिला प्रशासन ने महापंचायत के चलते शहर के सभी शराब के ठेके बंद करा दिए हैं।