मुरादाबाद मंडल में आंधी-बारिश ने कहर बरपाया। रामपुर में आंधी से गिरे बिजली लाइन के सपोर्टर तार की चपेट में आने से संग्रह अमीन की गर्दन कटने से जान चली गई। डिलारी में दोमंजिला मकान का छज्जा गिरने पर ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं संभल में टिनशेड गिरने पर दंपती और तीन बच्चे घायल हो गए।
बिलासपुर रोड पर सिहारी गांव के पास बुधवार की रात बिजली लाइन के सपोर्टर आंधी में तार टूटकर गिर गए। बृहस्पतिवार की सुबह खनन चेकिंग में लगी ड्यूटी कर सुबह छह बाइक से घर लौट रहे संग्रह अमीन हरीश गंगवार तारों में उलझ गए और उनकी गर्दन कट गई। राहगीरों ने एंबुलेंस मंगवाकर घायल को उन्हें सीएचसी भेजा, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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बिजली कर्मी तारों को ठीक करते हुए
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सिहारी बिजलीघर के जेई वैभव कुमार ने बताया कि रात की आंधी से क्षेत्र में लगभग 14 पोल टूट गए थे। उन्होंने कहा कि जिस पोल के तार से दुर्घटना हुई, उसकी जानकारी हादसे के बाद मिली और तुरंत तार को सड़क से हटा दिया गया। दूसरी ओर डिलारी क्षेत्र के गांव वाजिदपुर में आंधी के दौरान गांव निवासी छोटे खां (40) दोमंजिला मकान का छज्जा गिरने पर मलबे में दबकर घायल हो गए। परिजन उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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रामपुर में दीवार गिरने से कार क्षतिग्रस्त
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वहीं संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव महमूदनगर निवासी भूरा की टिनशेड भी आंधी में गिर गई। इसकी चपेट में आकर भूरा, उनकी पत्नी नसरीन और तीन बच्चे घायल हो गए। उधर सहसपुर में आंधी में गिरे बिजली के तार को हटाते समय मोहललला सुलेमानी मस्जिद निवासी सलीम (60) की करंट लगने से माैत हो गई
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संभल में सड़क पर गिरे पेड़
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आंधी में टूटे पोल, गिरे पेड़... शहर के कई इलाकों में हाहाकार
आंधी और बारिश तो बुधवार रात को ही थम गई लेकिन उसके कारण हुए नुकसान से लोग 24 घंटे बाद भी परेशान हैं। नया मुरादाबाद, मानसरोवर, शास्त्री नगर, सरोवर नगर और मझोला समेत कई इलाकों में खंभे गिरने के कारण 24 घंटे बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी। इससे गुस्साए लोगों का सब्र टूट गया और बृहस्पतिवार को नया मुरादाबाद बिजलीघर में जमकर विरोध-प्रदर्शन हुआ।
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पेड़ गिरने से लगा रहा जाम
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लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अफसरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। बिजली न होने से लोगों के घरों में अंधेरा छाया रहा। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि बुधवार रात 11 बजे से बिजली गुल है, लेकिन विभागीय कर्मचारी सिर्फ आश्वासन देते रहे। घरों के इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और पानी की मोटरें बंद होने से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए।